दिल्ली के कार्यपालक दंडाधिकारी ने रिहाई का आदेश दिया
खास शर्त पर उनकी रिहाई हुई है
हवाई जहाज से हुई थी गिरफ्तारी
उनके वकील ने इसकी पुष्टि की
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीजेपी नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को रिहा करने का आदेश दिया है। इस बात की जानकारी संगठन की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दी।
इन नेताओं की रिहाई इस शर्त पर की गई है कि वे अगले एक वर्ष तक शांति व्यवस्था भंग करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
इन तीनों सीजेपी नेताओं को निवारक हिरासत के तहत दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के उद्देश्य से दिल्ली उतरते ही उड़ान से हिरासत में ले लिया था। उनके वकील सौतिक बनर्जी ने पुष्टि की कि तीनों को रिहा कर दिया गया है और वे जा सकते हैं।
इन नेताओं पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए मुचलका) और धारा 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत मामला दर्ज किया गया था। दिल्ली पुलिस के अनुसार, शनिवार को राजधानी भर से लगभग 2,500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, प्रदर्शन के दिन से ठीक पहली रात को लगभग 1,000 लोगों को एहतियातन उठाया गया था।
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट दिल्ली पुलिस द्वारा नेताओं, छात्रों, पत्रकारों और वकीलों की बड़े पैमाने पर की गई गिरफ्तारियों के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई करने वाला है। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन, रेल और मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद किए जाने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर भी शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी।