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ब्रिटेन द्वारा गाजा नीति पर नेतन्याहू की कड़ी आलोचना

वैश्विक मंच पर अमेरिकी नीति के उल्टा चल रहा है लंदन

लंदनः ब्रिटिश कूटनीति के मोर्चे पर एक तीखा बदलाव देखने को मिला है जब देश के विदेश मंत्री ने गाजा और पश्चिमी तट पर इजरायली सरकार की सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ अत्यंत कड़े शब्दों में नाराजगी व्यक्त की है।

लेबर पार्टी के सम्मेलन और आधिकारिक बयानों के दौरान ब्रिटिश विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के प्रशासन की नीतियों को वैश्विक अंतरात्मा पर एक गहरा धब्बा करार दिया है।

ब्रिटेन के इस रुख से स्पष्ट हो गया है कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों के हनन और फिलिस्तीनी नागरिकों की दयनीय स्थिति को लेकर पश्चिमी देशों के भीतर भी वैचारिक मतभेद अब खुलकर सतह पर आने लगे हैं।

ब्रिटिश सरकार ने फिलिस्तीनी शरणार्थियों और संघर्ष से प्रभावित महिलाओं तथा बच्चों की मानवीय सहायता के लिए अपने राहत कार्यक्रमों को और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प लिया है। घरेलू राजनीति के मोर्चे पर भी लेबर पार्टी को अपने समर्थकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की ओर से गाजा मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाने का भारी दबाव था, जिसके बाद यह मुखर बयानबाजी सामने आई है।

इजरायली पक्ष ने इस आलोचना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के हकों के खिलाफ एक अनुचित हस्तक्षेप बताया है। इस राजनयिक तनातनी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मध्य पूर्व शांति प्रक्रिया और युद्ध विराम के प्रयासों को एक बार फिर केंद्र में ला खड़ा किया है, जिससे यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र के अन्य सदस्य देशों पर भी स्थिति स्पष्ट करने का दबाव बढ़ गया है।