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राममंदिर के काउंटिंग रूम से होती थी चंदाचोरी

एसआईटी की रिपोर्ट की दूसरी बात भी सामने आयी

सुप्रीम कोर्ट इसकी निगरानी कर रहा है

जहां गिनती होती थी वहीं से चोरी

चोरी के डिजिटल साक्ष्य जुटाये गये

राष्ट्रीय खबर

लखनऊः अयोध्या राम मंदिर में दान की चोरी की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसने मंदिर के काउंटिंग रूम (गिनती कक्ष) से मुद्रा को अनधिकृत रूप से हटाने या छुपाने के कम से कम 105 मामलों की पहचान की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष एक सीलबंद लिफाफे में ये विवरण प्रस्तुत किए गए। इसके कुछ अंशों को शीर्ष अदालत ने सोमवार को अपने एक आधिकारिक आदेश में दर्ज किया, जो मंगलवार को सार्वजनिक डोमेन में आए।

एसआईटी के अनुसार, इस मामले में शुरुआत में 25 जून को राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में आठ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच की शुरुआत में अयोध्या के क्षेत्राधिकारी (सर्किल ऑफिसर) ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, तलाशी और बरामदगी, बैंक व वित्तीय रिकॉर्ड, संपत्ति से संबंधित दस्तावेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फोरेंसिक जांच और अन्य दस्तावेजी व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जैसे साक्ष्य एकत्र किए। हालांकि, एसआईटी को 200 किलोग्राम चांदी की ईंटों, 38.288 किलोग्राम चांदी की ईंटों, एक चांदी के हार, चरण पादुका और रामचरितमानस से संबंधित दान के प्रबंधन में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को पीठ को बताया कि एसआईटी 25 सितंबर को या उससे पहले अपनी पहली चार्जशीट दाखिल करेगी। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. की अध्यक्षता वाली एसआईटी ने कहा कि उसने दान से संबंधित मीडिया और सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों की भी पुष्टि कर ली है। एसआईटी रिपोर्ट में बताया गया कि मंदिर के तीर्थ सुविधा केंद्र के काउंटिंग रूम के सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल डेटा से काउंटिंग प्रक्रिया में भाग लेने वाले अन्य व्यक्तियों की मदद से काउंटिंग रूम से अनधिकृत मुद्रा हटाने या छुपाने के 105 मामले सामने आए हैं। इस स्टेटस रिपोर्ट में आठ आरोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज और अन्य सामग्रियों के विश्लेषण का विस्तृत विवरण दिया गया है।