भारत में आजमाया गया चुनावी फार्मूला अब अमेरिका में भी
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन मिडटर्म कन्वेंशन में अपने मुख्य भाषण के दौरान घोषणा की कि यदि रिपब्लिकन पार्टी मध्यावधि चुनाव जीतती है, तो प्रत्येक अमेरिकी नागरिक को 5,000 डॉलर का भुगतान किया जाएगा। एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की इस भारी-भरकम योजना के वित्तपोषण या वितरण को लेकर राष्ट्रपति ने कोई विवरण नहीं दिया, और व्हाइट हाउस ने भी इस बात का कोई स्पष्ट ब्योरा नहीं दिया कि इसे कैसे लागू किया जाएगा। कन्वेंशन में मौजूद समर्थकों ने इस घोषणा का जोरदार स्वागत किया, लेकिन चुनाव में कड़े मुकाबलों का सामना कर रहे कई रिपब्लिकन नेता इस कार्यक्रम से दूर रहे। वैसे समझा जाता है कि ट्रंप ने भारत के चुनावी फार्मूले का आजमाया हुआ परिणाम देखकर ऐसा फैसला लिया है। भारत में भी मोदी सरकार के अलावा कई राज्य सरकारों ने जनता को नकद राशि का भुगतान करने संबंधी योजनाओँ का एलान कर चुनाव जीता है।
फिसल कंजर्वेटिव और कई रिपब्लिकन सांसदों ने इस प्रस्ताव की तीखी आलोचना की। केंटकी के पूर्व प्रतिनिधि थॉमस मैसी ने इसे वोट खरीदने का प्रयास बताते हुए मुद्रास्फीति बढ़ने की आशंका जताई, जबकि सीनेटर सुसान कोलिन्स ने कहा कि कर और खर्च के फैसले अर्थव्यवस्था की जरूरतों के आधार पर होने चाहिए न कि चुनावी परिणामों से जुड़े होने चाहिए। डेमोक्रेट्स ने इसे एक खोखला वादा करार दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रपति इस तरह की विशाल राशि को केवल कार्यकारी आदेश से स्वीकृत नहीं करा सकते, हालांकि ट्रम्प ने संकेत दिया है कि इसके लिए कांग्रेस की अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी।
पूर्व में भी ट्रम्प ने टैरिफ से मिलने वाले राजस्व से 2,000 डॉलर के चेक देने का वादा किया था, जो अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। हालांकि, उन्होंने बच्चों के लिए 1,000 डॉलर के ट्रम्प सेविंग अकाउंट और सेना के सदस्यों को 1,776 डॉलर के भुगतान जैसे वादों को पूरा किया है, लेकिन इस नए 5,000 डॉलर के वादे को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर भारी अनिश्चितता बनी हुई है।