उत्तराखंड में भारी बारिश का तांडव: नैनीताल-अल्मोड़ा में रेड अलर्ट, 3 जिलों में स्कूल बंद; पिथौरागढ़ में 17 सड़कें ब्लॉक
देहरादून (उत्तराखंड): उत्तराखंड राज्य में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है और लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने अगले 18 घंटों के दौरान राज्य के अधिकांश पर्वतीय और मैदानी जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में खतरे को देखते हुए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए गए हैं तथा प्रशासन ने नागरिकों से नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से पूरी तरह दूर रहने की अपील की है।
⚠️ 10 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: बिजली गिरने और तेज बौछार की आशंका
ऑरेंज अलर्ट के तहत आने वाले जिले और समय सीमा:
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प्रभावित जिले: देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल, अल्मोड़ा, पौड़ी गढ़वाल और चमोली।
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मौसम का मिजाज: इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा बारिश के अत्यंत तीव्र दौर (क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति) आने की प्रबल संभावना है।
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समय सीमा: यह मौसम चेतावनी 1 सितंबर की शाम से लेकर 2 सितंबर की सुबह तक प्रभावी रहेगी।
🚨 नैनीताल और अल्मोड़ा के लिए रेड अलर्ट: इन इलाकों में मौसम रहेगा बेहद खराब
रेड अलर्ट क्षेत्र और संवेदनशील ब्लॉक:
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अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी: आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नैनीताल और अल्मोड़ा के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा का रेड अलर्ट घोषित किया है।
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प्रमुख प्रभावित क्षेत्र: चौखुटिया, भिकियासैंण, रानीखेत, भनोली, कटारमल, जैती, रामनगर, भीमताल, हल्द्वानी, मुक्तेश्वर, कोटाबाग, भवाली और द्वाराहाट समेत आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
🏫 3 जिलों में सभी स्कूल बंद: SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर
प्रशासनिक कदम और एहतियाती उपाय:
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स्कूलों में अवकाश: मौसम की गंभीरता को देखते हुए नैनीताल, बागेश्वर और अल्मोड़ा जिलों के सभी सरकारी व निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
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SDRF मुस्तैद: संवेदनशील पर्वतीय मार्गों और नदी तटों पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), पुलिस और रेस्क्यू टीमों को तैनात कर दिया गया है। आमजन से अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की गई है।
🚧 पिथौरागढ़ में भूस्खलन से 17 सड़कें बंद: मलबे में फंसे 400 से अधिक वाहन
सीमांत जिले में बुनियादी ढांचे को नुकसान:
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राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित: पिथौरागढ़ जिले में सोमवार रात से हो रही भीषण बारिश के कारण पिथौरागढ़-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कुल 17 संपर्क मार्ग मलबे के कारण पूरी तरह बंद हो गए हैं।
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सैकड़ों वाहन जाम में: मुन्ना बैंड के समीप भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से 400 से अधिक बसें, टैक्सियां और मालवाहक ट्रक रास्ते में फंस गए हैं, जिन्हें निकालने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं।
🌊 उफान पर नदियां: प्रशासन ने जारी की जलस्तर बढ़ने की चेतावनी
नदी-नालों की वर्तमान स्थिति और सुरक्षा परामर्श:
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जलस्तर में भारी बढ़ोतरी: लगातार वर्षा के चलते काली, सरयू, रामगंगा और गोरी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।
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सुरक्षा निर्देश: पहाड़ी रास्तों पर यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने, भूस्खलन जोन से संभलकर निकलने और किसी भी आपात स्थिति में सीधे जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं।