महायुति को एकजुट रखने में जुटे फडणवीस
तीनों घटक दलों की बैठक हुई
छात्रों की गूंज का असर दिख रहा
आपसी मतभेद भूलाने की कोशिश
राष्ट्रीय खबर
मुंबईः महाराष्ट्र की राजनीति में हाल के दिनों में उभरे आंतरिक मतभेदों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने महायुति सहयोगियों के साथ समन्वय बेहतर करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। इस दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में गठबंधन की एक उच्चस्तरीय समन्वय समिति की बैठक बुलाई।
शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति: इस बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री—शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की ओर से सुनेत्रा पवार—विशेष रूप से शामिल हुए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य गठबंधन के तीनों घटकों (भाजपा, शिवसेना और एनसीपी) के बीच नीतिगत निर्णयों, प्रशासनिक समन्वय और आगामी राजनीतिक रणनीतियों को लेकर पैदा हुए असंतोष व मतभेदों को सुलझाना था। तीनों दलों के शीर्ष नेताओं ने सरकार के कामकाज में बेहतर सामंजस्य बिठाने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के बीच किसी भी प्रकार के टकराव को रोकने के लिए नियमित संवाद पर बल दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों और सूत्रों के अनुसार, महायुति गठबंधन की इस त्वरित सक्रियता के पीछे विपक्ष के नेता राहुल गांधी की हालिया राजनीतिक गतिविधियां एक मुख्य कारण मानी जा रही हैं। हाल ही में पुणे में राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज नाम से एक विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में कॉलेज के छात्रों, युवाओं और शोधार्थियों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया था। इस आयोजन को युवाओं की ओर से जबरदस्त और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली, जिसमें शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की गई।
सूत्रों का कहना है कि पुणे के इस कार्यक्रम की सफलता और युवाओं के बीच राहुल गांधी की बढ़ती अपील ने भाजपा नेतृत्व को सतर्क कर दिया है। इसी के मद्देनजर पार्टी ने राज्य में अपने गठबंधन को पूरी तरह से एकजुट रखने और युवा वोट बैंक को साधे रखने के लिए यह समन्वय बैठक आयोजित की। इस बैठक के माध्यम से महायुति ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि गठबंधन के भीतर सभी घटक दल पूरी तरह से एकजुट हैं और आगामी चुनौतियों का सामना मिलकर करेंगे।