बदली हुई परिस्थितियों से चिंतित हो रहे हैं नाटो देश के सदस्य
बर्लिनः मॉस्को और नाटो के बीच बढ़ते तनाव के बीच पिछले हफ्ते रूस ने बाल्टिक सागर में एक जर्मन द्वीप के पास क्रूज़ और हाइपरसोनिक मिसाइलों से लैस एक युद्धपोत तैनात किया है। रूस ने अपनी उत्तरी बेड़े का हिस्सा निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट एडमिरल कसाटनोव को बाल्टिक सागर में तैनात किया है। यह तैनाती विध्वंसक एडमिरल लेवचेंको के इस क्षेत्र में पहुंचने के ठीक कुछ दिनों बाद की गई है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया जब क्रेमलिन ने रूस के शैडो फ्लीट (छाया बेड़े) पर लगाए गए प्रतिबंधों के जवाब में यूरोप को जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी।
मॉस्को के अनुसार, वर्ष 2020 में सेवा में शामिल किया गया एडमिरल कसाटनोव रूस के सबसे आधुनिक युद्धपोतों में से एक है और यह कैलिबर तथा जिरकॉन मिसाइलें दागने में सक्षम है। बाल्टिक क्षेत्र में पहुंचने से पहले यह फ्रिगेट भूमध्य और इंग्लिश चैनल में सक्रिय था, जहां इसने रूसी जहाजों की सुरक्षा की थी।
रिपोर्ट में बताया कि इस जहाज को जर्मनी के लोकप्रिय पर्यटन द्वीप फेहमार्न के तट के पास देखा गया था और शिपिंग डेटा से पता चला कि यह अपने लोकेशन ट्रैकर को बंद करके नौकायन कर रहा था। इस मीडिया आउटलेट के अनुसार, सोमवार दोपहर तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया था कि यह पोत फेहमार्न के पास ही मौजूद है या नहीं। रिपोर्ट के मुताबिक जर्मन सेना ने इस पर टिप्पणी के अनुरोध का तुरंत कोई जवाब नहीं दिया और मॉस्को ने भी इस तैनाती पर सार्वजनिक रूप से कोई बात नहीं की है।
यह युद्धपोत रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पिछले हफ्ते की गई टिप्पणियों के बाद सामने आया है। पुतिन ने एक रूसी युद्धपोत के निरीक्षण के दौरान कहा था कि मॉस्को रूस से जुड़े जहाजों को जब्त करने में शामिल ब्रिटिश और यूरोपीय संघ के जहाजों पर पलटवार करेगा।
पुतिन ने इन जब्ती की कार्रवाइयों को समुद्री डकैती और लूटपाट करार दिया और कहा कि रूस प्रशांत महासागर का विशेष रूप से जिक्र करते हुए किसी भी आवश्यक समझे जाने वाले क्षेत्र में वैसा ही जवाब देगा। रूसी सुरक्षा परिषद के डिप्टी चेयरमैन दिमित्री मेदवेदेव ने अलग से यूक्रेन का समर्थन करने वाले यूरोपीय व्यापारी जहाजों पर हमलों की धमकी दी है। यह तनाव मुख्य रूप से ब्रिटेन और फ्रांस द्वारा उन जहाजों को पकड़े जाने की श्रृंखला से उपजा है, जिनके बारे में माना जाता है कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हुए रूसी तेल और सामान ढोने वाले रूस के पुराने और प्रतिबंधित शैडो फ्लीट का हिस्सा हैं। ब्रिटिश रॉयल मरीन कमांडो ने जून 2026 में ऐसे ही एक जहाज स्मिरटोस पर चढ़ाई की थी और यूके की नेशनल क्राइम एजेंसी ने बताया है कि उसने लगभग 600 शैडो-्लीट जहाजों पर प्रतिबंध लगाया है।