Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र का आधा सफर पूरा, आखिरी 9 दिनों में महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर टिकीं निगाहें पीएम मोदी ने मैसूर में किया 'विवेक स्मारक' का उद्घाटन: बोले- "भारतीय युवाओं के सामर्थ्य से तेजी से ब... तमिलनाडु पहुंचे राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला, बोले— "परिसीमन से तमिल जनता की राजनीतिक ताकत छीन... वाराणसी में राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज, धार्मिक भावनाएं आहत करने क... NSA अजीत डोभाल 'लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार 2026' से सम्मानित, अमित शाह बोले- "सुरक्षा इतिहास म... राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नई SIT का कड़ा एक्शन, 200 से अधिक लोगों को पुलिस का नोटिस जारी पटियाला में राजा वड़िंग के कार्यक्रम में भारी हंगामा, चन्नी समर्थकों ने लगाए 'चन्नी जिंदाबाद' के नार... उज्जैन में महामंडलेश्वर ज्ञानदास पर दुष्कर्म की FIR: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म का आरोप, B... उत्तराखंड में अतिक्रमण पर बड़ा एक्शन, मसूरी के लक्ष्मणपुरी में कथित अवैध नमाज स्थल पर चला बुलडोजर 'नेशनल टाउनहॉल अगेंस्ट E-20' में गरजे अरविंद केजरीवाल, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 प्रमुख मांगें

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

दिल्ली फायरिंग पर सदन को गुमराह कियाः वेणुगोपाल

सदन के भीतर गलत जानकारी दी थी

अब तो सच भी सामने आ चुका है

घायल भी जनता के सामने आये हैं

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के खिलाफ संसद में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश किया। यह विवाद 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के दौरान फायरिंग न होने के मंत्री के दावे से उत्पन्न हुआ है। वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि मंत्री ने सदन के पटल पर सरासर झूठ बोला है।

विवाद की जड़ बुधवार दोपहर 3 बजे की वह चर्चा है, जिसमें मंत्री जितेंद्र सिंह परीक्षा प्रश्नपत्र लीक विरोधी कानून पर सरकार का पक्ष रख रहे थे। उस दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था, यह बार-बार स्पष्ट किया गया है कि कोई फायरिंग नहीं हुई है… तो ऐसे आदेश देने का सवाल ही नहीं उठता।

वेणुगोपाल ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि वास्तविकता इसके विपरीत है। उन्होंने तर्क दिया कि राहुल गांधी ने मीडिया के सामने स्वयं पेलेट गन के एक पीड़ित से मुलाकात की है। इसके अतिरिक्त, मीडिया रिपोर्टों और अस्पताल के रिकॉर्ड में भी उन पीड़ितों के प्रमाण मौजूद हैं जो इस फायरिंग में घायल हुए थे। वेणुगोपाल ने जोर देकर कहा कि सरकार संसद में ऐसे स्पष्ट झूठ के साथ बच नहीं सकती और मंत्री के खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए।

यह विशेषाधिकार प्रस्ताव 20 जुलाई को हुए प्रदर्शनों के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार पर किए जा रहे हमलों की एक कड़ी है। इससे पहले, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आक्रामक टिप्पणी की थी, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा हुआ था और उनके भाषण के कुछ अंशों को रिकॉर्ड से हटा दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार रात को संसद ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक विरोधी विधेयक पारित कर दिया। उस समय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि यह कानून सरकार की रचनात्मक सुझावों को स्वीकार करने और अनुभवों से सीखकर व्यवस्था को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, अब इस नए कानून की सफलता और विश्वसनीयता के बीच, फायरिंग पर दिए गए इस विवादित बयान ने सरकार के लिए एक नई राजनीतिक चुनौती खड़ी कर दी है।