जंतर-मंतर पहुंचे निलंबित सिपाही शेर सिंह का नया वीडियो वायरल, अधिकारियों द्वारा ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताए जाने पर बिफरे
देहरादून/नई दिल्ली: उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के जारी प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे निलंबित कांस्टेबल शेर सिंह का एक नया वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
वायरल वीडियो में शेर सिंह पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों द्वारा खुद को ‘हिस्ट्रीशीटर’ बताए जाने पर पूरी तरह बिफर पड़े हैं। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी अधिकारी को हवा में हिस्ट्रीशीट का टैग देने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है और सही समय आने पर वे जिम्मेदार अधिकारियों का पूरा कच्चा चिट्ठा जनता के सामने खोलेंगे।
⚖️ “अदालत से हो चुका हूं निर्दोष साबित”, शेर सिंह का दावा- मनमाने ढंग से लगाया जा रहा हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शेर सिंह ने पुलिस अधिकारियों के दावों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी बेगुनाही का दावा किया है।
हरिद्वार जिले के पथरी थाना क्षेत्र स्थित बहादुरपुर जट्ट गांव के निवासी शेर सिंह का कहना है कि सस्पेंशन के बाद मामला कोर्ट में गया था, जहां वे पूरी तरह निर्दोष साबित हो चुके हैं। शेर सिंह का दावा है कि उनके बेगुनाह होने के ठोस सबूत के तौर पर अदालत के आदेश की प्रति उनके पास सुरक्षित मौजूद है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी मनमाने ढंग से उन पर हिस्ट्रीशीटर का ठप्पा लगा रहे हैं, जिसका करारा जवाब वे सही वक्त आने पर देंगे।
👤 कौन हैं निलंबित सिपाही शेर सिंह? जानिए आईजी गनर से लेकर गैंग की मुखबिरी तक का पूरा विवादित बैकग्राउंड
रुड़की के पास बहादुरपुर जट्ट गांव के रहने वाले शेर सिंह का विवादों से पुराना और गहरा नाता रहा है। शेर सिंह पूर्व में आईजी गढ़वाल (IG Garhwal) के गनर के रूप में भी तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्हें ड्यूटी में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता के गंभीर आरोपों के बाद सस्पेंड कर दिया गया था।
लगभग 7-8 महीने पहले देहरादून एसटीएफ (STF) ने जमीन के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े एक बड़े मामले में कुख्यात प्रवीन बाल्मिकी गैंग की मुखबिरी करने के आरोप में शेर सिंह को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें जेल की हवा भी खानी पड़ी थी। इसके अलावा शेर सिंह सोशल मीडिया पर भीम आर्मी से जुड़े वीडियो लगातार शेयर करते रहते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, उन्होंने हाल ही में पुलिस मुख्यालय को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए भी आवेदन भेजा हुआ है।
🏛️ प्रशासनिक रुख और आईजी कुमाऊं का बयान: पिथौरागढ़ एसपी ही हैं कार्रवाई के लिए अधिकृत
इस पूरे प्रकरण और वायरल वीडियो पर पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क और नपा-तुला रुख अपना रहा है। कुमाऊं रेंज की आईजी (IG) निवेदिता कुकरेती ने इस मामले पर सीधे तौर पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में कोई भी आधिकारिक बयान देने या विधिक/कानूनी कार्रवाई करने के लिए पिथौरागढ़ के एसपी (SP Pithoragarh) ही पूरी तरह से अधिकृत और उत्तरदायी हैं। हालांकि, मीडिया संस्थान इस वायरल वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करते हैं, लेकिन सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो लगातार ट्रेंड कर रहा है।