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धर्मेद्र प्रधान को पहले दिन पद छोड़ना चाहते थेः विजयवर्गीय

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ नेता के बयान से राजनीति और गरमायी

इंदौर में पत्रकारों को यह जानकारी दी

विवाद के पहले ही दिन प्रस्ताव दिया था

तब राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें रोक दिया था

राष्ट्रीय खबर

भोपालः मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा नीट परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर जंतर-मंतर पर शुरू किए गए आंदोलन के पहले ही दिन अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी थी। हालांकि, उस समय भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें पद न छोड़ने की सलाह दी थी ताकि पार्टी स्तर पर सामूहिक और विचार-विमर्श के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जा सके।

विजयवर्गीय ने बताया कि आंदोलन के पहले दिन धर्मेंद्र प्रधान ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से स्पष्ट रूप से कहा था कि यदि छात्रों और देश के हित में उनका इस्तीफा आवश्यक है, तो वे तुरंत पद छोड़ सकते हैं। लेकिन उस समय पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस्तीफा देने या इस बारे में किसी से चर्चा न करने के निर्देश दिए थे। बाद में जब परिस्थितियां बदलीं और पार्टी ने सामूहिक निर्णय लिया, तो उन्होंने बिना किसी देरी के तुरंत अपना त्यागपत्र सौंप दिया। शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी  ने अपना 37 दिनों से जारी आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने समेत अन्य मांगें मान ली गईं।

कैलाश विजयवर्गीय ने धर्मेंद्र प्रधान के कदम की सराहना करते हुए कहा कि उनके इस्तीफे ने उन विदेशी ताकतों की साजिश को नाकाम कर दिया है, जो श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी हिंसा व अशांति भारत में भी भड़काना चाहती थीं। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी दल कांग्रेस पर भी जोरदार निशाना साधा। विजयवर्गीय ने कहा कि यह आंदोलन मूल रूप से छात्रों का था, जबकि कांग्रेस केवल उनके पीछे खड़ी होकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी हार के बाद पूरी तरह निराश हो चुकी कांग्रेस को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में केवल एक नई उम्मीद दिखाई दी थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि उन्हें राहुल गांधी की राजनीतिक समझ और विचारधारा पर दया आती है और उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को गहराई से समझने की जरूरत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरएसएस के विचारों के कारण ही आज देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।