Ludhiana News: ट्रांसपोर्ट विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में बदलावों पर विरोध, स्टेट ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी कमेटी ने जताई आपत्ति
लुधियाना : ट्रांसपोर्ट विभाग के ऑनलाइन पोर्टल में हाल ही में किए गए तकनीकी बदलावों को लेकर स्टेट ट्रांसपोर्ट एडवाइजरी कमेटी ने कड़ी आपत्ति जताई है। कमेटी का कहना है कि नई जटिल प्रक्रियाओं और अनावश्यक औपचारिकताओं के कारण ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में वाहनों से जुड़े जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट नहीं हो पा रहे हैं, जिससे लोगों में रोष बढ़ रहा है। कमेटी के प्रधान अवतार सिंह तारी और जनरल सैक्रेटरी कृष्ण थापा ने संयुक्त बयान में बताया कि इस संबंध में आर.टी.ओ. लुधियाना को लिखित सुझाव भी सौंपे गए हैं, जिसमें सरकार और परिवहन विभाग से पोर्टल की इन पेचीदगियों को दूर कर प्रक्रिया को पहले की तरह सरल बनाने की मांग की गई है।
📱 मोबाइल नंबर अपडेट करने की प्रक्रिया हुई बेहद जटिल
कमेटी ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पहले वाहन की आरसी (RC) से जुड़ा मोबाइल नंबर अपडेट करना काफी आसान था, लेकिन अब इसके लिए बार-बार दस्तावेज अपलोड करने, क्लर्क से सत्यापन कराने और आर.टी.ओ. की मंजूरी जैसी अतिरिक्त औपचारिकताएं अनिवार्य कर दी गई हैं। कमेटी ने सुझाव दिया है कि पहले की तरह केवल चेसिस नंबर और इंजन नंबर के मिलान के आधार पर मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा तुरंत बहाल की जाए, ताकि जनता का समय बच सके।
🔄 आर.सी. ट्रांसफर और एच.पी. क्लीयरैंस एक साथ करने की पुरजोर मांग
कमेटी के अनुसार, आर.सी. ट्रांसफर और हाइपोथिकेशन (HP) क्लीयरेंस के लिए अलग-अलग आवेदन करने की नई व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी सिरदर्दी बन गई है। कई वाहन वर्षों पुराने हैं, जिनके पुराने मालिक विदेश जा चुके हैं या उनके पुराने मोबाइल नंबर बंद हो चुके हैं, ऐसे में ओटीपी (OTP) प्राप्त करना असंभव हो जाता है। इसलिए पुरानी व्यवस्था की तरह दोनों प्रक्रियाएं एक साथ पूरी करने की छूट दी जानी चाहिए।
💰 बार-बार जुर्माना लगाए जाने की प्रथा पर गहरी आपत्ति
कमेटी ने आरोप लगाया कि कमर्शियल वाहनों की पासिंग के दौरान वाहन चालकों से बार-बार जुर्माना वसूला जा रहा है, जबकि पासिंग फीस में पहले ही सभी प्रकार के शुल्क शामिल होते हैं। यदि वाहन मालिक समय पर आवेदन कर रहा है, तो उसे स्वीकार किया जाना चाहिए न कि उस पर भारी-भरकम पेनल्टी थोपी जानी चाहिए। इस दोहरी मार से ट्रांसपोर्टरों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
🚗 पुरानी गाड़ियों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने में भी आ रही बाधाएं
कमेटी ने यह भी बताया कि पोर्टल में किए गए तकनीकी बदलावों के कारण पुरानी गाड़ियों की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) बुक कराने में भी रुकावटें आ रही हैं। मौजूदा आरसी और पोर्टल के ऑनलाइन रिकॉर्ड में अंतर होने के कारण आवेदन रिजेक्ट हो रहे हैं, जिसके लिए वाहन मालिकों को अनावश्यक रूप से दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कमेटी ने मांग की है कि विभाग अपने स्तर पर रिकॉर्ड का मिलान कर बिना किसी फालतू शर्त के संशोधन की प्रक्रिया पूरी करे, ताकि ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और आम जनता को राहत मिल सके।