जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के सफाए के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, उनकी मदद करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने रातभर चले विशेष अभियान के दौरान पाकिस्तानी आतंकियों के एक मददगार को गिरफ्तार किया है। अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले इस गिरफ्तारी को सुरक्षा के लिहाज से बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
🕵️ 20 साल से सक्रिय था हाजी लतीफ
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए शख्स का नाम हाजी लतीफ है। जांच एजेंसियों का कहना है कि हाजी लतीफ पिछले दो दशकों से सीमा पार से आने वाले आतंकियों की मदद कर रहा था। उस पर आरोप है कि उसने अब तक कम से कम 12 पाकिस्तानी आतंकियों को भारत में घुसपैठ कराने और सुरक्षा बलों पर हमले करने में सक्रिय सहायता दी है।
🔗 आतंकियों का पुराना मददगार
शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि जैश-ए-मोहम्मद के कई शीर्ष कमांडर सियालकोट के रास्ते भारत में घुसपैठ करने के बाद सीधे हाजी लतीफ के संपर्क में आते थे। इसके अलावा, वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को भी लंबे समय से रसद, सुरक्षित ठिकाने और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध करा रहा था।
🤝 ISI से था सीधा संपर्क
सूत्रों के मुताबिक, हाजी लतीफ के पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के वरिष्ठ अधिकारियों से भी कई वर्षों से संपर्क था। उस पर सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ को आसान बनाने और उनके नेटवर्क को सक्रिय रखने का गंभीर आरोप है।
🔍 पूछताछ से खुल सकते हैं बड़े राज
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां हाजी लतीफ से गहन पूछताछ कर रही हैं। जांच में उसके नेटवर्क, आतंकियों से जुड़े संपर्कों और संभावित अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकी नेटवर्क के बारे में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। अमरनाथ यात्रा से पहले हुई इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे आतंकियों के स्थानीय समर्थन तंत्र को गहरा झटका लगा है और यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।