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अमेरिका-ईरान शांति समझौता के दस्तावेज तैयार

फ्रांस के राष्ट्रपति के रात्रिभोज के दौरान ही औपचारिक हस्ताक्षर

एजेंसियां

एवियनः फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक ऐतिहासिक घटनाक्रम में, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने एक प्रारंभिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य फरवरी से जारी विनाशकारी युद्ध को समाप्त करना है। यह समझौता न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी राहत के रूप में आया है।

इस समझौते के अंतर्गत रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होरमुज जलडमरूमध्य को तत्काल प्रभाव से फिर से खोल दिया गया है। गौरतलब है कि इस जलमार्ग से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस गुजरता है, जिसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया था।

समझौते के तहत ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 बिलियन डॉलर की भारी-भरकम राशि आवंटित की गई है, जिसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगे अपने सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटा लेगा। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम जैसे संवेदनशील मुद्दों को अभी पूरी तरह सुलझाया जाना बाकी है, जिसके लिए दोनों पक्षों ने 60 दिनों की अवधि तय की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट किया कि यह कदम विश्व को एक महामंदी और आर्थिक तबाही से बचाने के लिए अनिवार्य था। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि भविष्य में अंतिम समझौता विफल रहता है, तो अमेरिका अपनी सैन्य क्षमता का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेगा।

दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शांति पर मुहर लगाई है, लेकिन तेहरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सतर्कता जताते हुए कहा कि ईरान की सैन्य चौकसी अभी भी बरकरार है। यह संघर्ष 28 फरवरी को तब शुरू हुआ था जब पहले ही दिन ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी।