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कोटा की रैली में छात्रों की भारी भीड़ से कांग्रेस उत्साहित

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की पहल करेंगे: राहुल गांधी

  • वर्तमान व्यवस्था ही दोषपूर्ण है

  • नागपुर की छात्रा का उल्लेख किया

  • छात्रों को बेहतर विजन देना होगा

राष्ट्रीय खबर

जयपुरः लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को राजस्थान के कोचिंग हब कोटा से अपनी छात्रों की गूंज रैली श्रृंखला की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था को जबरन वसूली का तंत्र करार दिया, जो छात्रों पर भारी मानसिक दबाव डालता है।

हजारों छात्रों और उनके अभिभावकों से खचाखच भरे इस कार्यक्रम को एक रॉक शो की तर्ज पर आयोजित किया गया था, जिसमें रैपर कर्मा विवेक अरोड़ा ने कार्यक्रम की शुरुआत की। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक सभा नहीं है, बल्कि युवाओं के भविष्य के संघर्षों पर केंद्रित संवाद है। उन्होंने पूरे भाषण में बीजेपी, कांग्रेस, राजनीति या चुनाव जैसे शब्दों का उपयोग न करने का संकल्प लिया।

आकांक्षा चतुर्वेदी का उदाहरण और व्यवस्था पर प्रहार राहुल गांधी ने मंच पर एक स्लाइड के जरिए नागपुर की नीट अभ्यर्थी आकांक्षा चतुर्वेदी की तस्वीर और उनके सुसाइड नोट को साझा किया। आकांक्षा ने परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या कर ली थी। राहुल ने भावुक होकर कहा, आकांक्षा डॉक्टर बनना चाहती थी। उसके पिता लकवाग्रस्त हैं और उन्होंने कर्ज लेकर उसे पढ़ाया था। आकांक्षा ने अंत में लिखा था— मम्मी-पापा, मैंने सब खराब कर दिया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह छात्रों की गलती नहीं है, बल्कि भारत की शिक्षा प्रणाली की विफलता है, जो बच्चों को कुचलने और तनाव देने का काम करती है।

कोटा में कोचिंग ले रहे छात्रों से संवाद करते हुए राहुल ने कहा कि हमारी शिक्षा प्रणाली एक अस्वीकृति प्रणाली है, न कि चयन प्रणाली। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि लाखों अभ्यर्थियों में से बहुत कम का चयन हो पाता है, जो कि युवाओं के साथ एक अपराध जैसा है। राहुल ने बताया कि नीट, जेईई और यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग पर हर साल लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये खर्च होते हैं, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और विज्ञान के लिए निर्धारित कुल केंद्रीय बजट से भी अधिक है।

राहुल ने छात्रों और अभिभावकों से आग्रह किया कि वे अपनी समस्याओं और सुझावों को उनके पोर्टल पर साझा करें। उन्होंने कहा कि उनका विजन एक ऐसी शिक्षा व्यवस्था बनाना है जहाँ हर भारतीय बड़े सपने देख सके और उन्हें कम से कम लागत में पूरा कर सके। राहुल गांधी की यह रैली श्रृंखला आगामी दिनों में इलाहाबाद (10 जुलाई), पटना (11 जुलाई) और दिल्ली (14 जुलाई) में भी आयोजित की जाएगी।