Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन राज्यसभा में जोरदार हंगामा, खरगे के 'मंच शुद्धिकरण' बयान पर सत्ता प... सतवास के मोहाईजागीर में नाले के तेज बहाव में मासूम बच्चा लापता, रातभर सर्चिंग के बाद फिर शुरू हुआ रे... ग्वालियर में 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी का अपहरण कर दिल्ली में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्त... सिंहस्थ 2028 के लिए एमपी सरकार का बड़ा कदम, UDA के पूर्व प्रमुख जगदीश अग्रवाल बने सिंहस्थ मेला प्राध... मध्य प्रदेश में अब रातभर गुलजार रहेंगे बाजार, राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने 'मध्य प्रदेश कार्यस्थल सशक्ति... आखिरकार सागर में बनेगा नया एयरपोर्ट: केंद्रीय मंत्री और विधायक शैलेंद्र जैन की वार्ता के बाद रास्ता ... छतरपुर में दर्दनाक हादसा: जटाशंकर धाम से लौट रही अनियंत्रित कार 50 फीट गहरे कुएं में गिरी, 1 युवक की... चार दशकों से ओंकारेश्वर वन्यजीव अभयारण्य की अधिसूचना लंबित, MP हाईकोर्ट ने स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड क... श्योपुर: अतिक्रमण हटाने गई वन विभाग की टीम पर पथराव व हमला, कई कर्मचारी घायल; रघुनाथपुर थाने में माम... दुबई से अवैध कारोबार चलाने वाले सतीश सनपाल को झटका: MP हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने से किया इनकार, चलेग...

Amritsar News: जलियांवाला बाग सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ का भारी संकट; 94 में से 19 पद खाली, मरीजों को हो रही परेशानी

अमृतसर: जलियांवाला बाग मैमोरियल सिविल अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ की भारी कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। 200 बेड वाले इस जिला स्तरीय अस्पताल में स्टाफ की कमी के चलते न केवल मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, बल्कि मौजूदा नर्सों पर भी काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है।

📉 20 प्रतिशत पदों पर नहीं है स्टाफ

अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के कुल 94 पद मंजूर हैं, जिनमें से 19 पद रिक्त पड़े हैं। यानी अस्पताल लगभग 20 प्रतिशत स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। रही-सही कसर तब पूरी हो गई जब लगभग 10 नर्सों को डेपुटेशन पर अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में भेज दिया गया। अब केवल 75 नर्सों के भरोसे अस्पताल की पूरी ड्यूटी व्यवस्था टिकी है, जिसके चलते एक ही नर्स को एक साथ कई वार्डों का कार्यभार संभालना पड़ रहा है।

🚨 इमरजेंसी और ICU सेवाओं पर सीधा असर

स्टाफ की इस कमी का सबसे घातक असर इमरजेंसी वार्ड, आई.सी.यू. (ICU) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में देखने को मिल रहा है। इन विभागों में उच्च प्रशिक्षित और अनुभवी स्टाफ की निरंतर उपस्थिति अनिवार्य है, लेकिन स्टाफ की कमी के कारण मरीजों को समय पर उचित सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं।

👨‍👩‍👧‍👦 मरीजों और परिजनों की बढ़ती मुश्किलें

दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों से इलाज की उम्मीद लेकर आने वाले गरीब मरीजों के लिए यह अस्पताल बड़ा सहारा है, लेकिन स्टाफ की कमी से वे खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि एक नर्स पर कई मरीजों की जिम्मेदारी होने से देखभाल में चूक की संभावना बढ़ जाती है।

📝 सरकार से जल्द भर्ती की मांग

अस्पताल प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों को एक मांग पत्र भेजा है। इसमें रिक्त पदों पर नर्सिंग स्टाफ की तुरंत भर्ती करने और डेपुटेशन नीति की समीक्षा करने की पुरजोर मांग की गई है, ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।