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Jharkhand Opium Crackdown: झारखंड में अफीम तस्करों को 200 करोड़ से ज्यादा का नुकसान; 37 हजार एकड़ फसल नष्ट

रांची: झारखंड में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और अफीम की खेती के खिलाफ पुलिस और सीआईडी ने पिछले तीन वर्षों में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। आंकड़े बताते हैं कि साल 2023 से मई 2026 तक रिकॉर्ड 37 हजार एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट किया गया है। चतरा, खूंटी, रांची, लातेहार, पलामू और हजारीबाग जैसे जिलों में अफीम तस्करों को 100 करोड़ से अधिक का प्रत्यक्ष नुकसान हुआ है। नारकोटिक्स एक्ट के तहत इस दौरान लगभग 500 मुकदमे दर्ज किए गए और 315 से अधिक तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा गया है।

📍 खूंटी और चतरा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित: कार्रवाई में शीर्ष पर पुलिस का कड़ा प्रहार

झारखंड का खूंटी जिला वर्षों से अफीम तस्करी के लिए कुख्यात रहा है, जहाँ दुर्गम इलाकों का फायदा उठाकर तस्कर खेती करते थे। पिछले 3 सालों में खूंटी में 17 हजार एकड़ अफीम की फसल नष्ट की गई है, जो पूरे राज्य में सर्वाधिक है। वहीं चतरा जिला दूसरे स्थान पर है, जहाँ करीब 7,000 एकड़ में लगी फसल नष्ट कर 35 से ज्यादा लोगों को जेल भेजा गया है। बरामदगी के आंकड़ों पर गौर करें तो 84 किलो तैयार अफीम और 42 हजार किलो डोडा-पोस्ता नष्ट किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करोड़ों में है।

📝 अफीम की खेती रोकने को लागू हुआ ‘मास्टर प्लान’: सीआईडी का नया एक्शन मोड

अवैध खेती को जड़ से मिटाने के लिए सीआईडी ने ‘प्री-कल्टीवेशन’ (Pre-cultivation) अभियान लॉन्च किया है। इसके तहत पूर्व में चिन्हित उन सभी इलाकों का सत्यापन किया जा रहा है, जहाँ पहले अफीम की खेती होती थी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि इस सीजन में कोई भी किसान या तस्कर वहां नई फसल की तैयारी न कर सके। रांची, खूंटी, हजारीबाग, चतरा, पलामू, लातेहार, चाईबासा, सरायकेला-खरसावां समेत प्रमुख जिलों को इस विशेष अभियान में शामिल किया गया है।

👮 पुलिस का सख्त रुख: फरार आरोपियों की संपत्ति होगी कुर्क, व्यापक जागरूकता अभियान पर जोर

सीआईडी ने प्रभावित जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि अफीम कांड के फरार आरोपियों के खिलाफ कुर्की-जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जिलों में विशेष जागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों को यह संदेश दिया जा रहा है कि अवैध अफीम की खेती करने वालों के खिलाफ सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति है। अधिकारी अब केवल फसल नष्ट करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अफीम के नेटवर्क की चेन को तोड़ने के लिए वांटेड आरोपियों की धरपकड़ पर भी विशेष जोर दे रहे हैं।