Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
झड़ते बालों से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 8 सुपरफूड्स, तेजी से बढ़ेगी बालों की ग्रोथ मुजफ्फरपुर में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड सन्नी बाबा गिरफ्तार, 74 ... अयोध्या राम मंदिर के नए CEO की रेस तेज: 5,300 आवेदनों में से 18 शार्टलिस्ट, 11-12 अगस्त को अयोध्या म... "जब तक जातिवाद रहेगा, आरक्षण जारी रहेगा": मोहन भागवत की अपील पर बसपा प्रमुख मायावती का पलटवार फतेहगढ़ साहिब में भीषण सड़क हादसा: गंगोत्री से लौट रहे कांवड़ियों को कार ने रौंदा, फरीदकोट के 3 श्रद... दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों को बड़ी सौगात, छठ पूजा से पूर्व शुरू होगी 6 प्रमुख शहरों के लिए ... लखनऊ में सीएम योगी के नेतृत्व में निकली भव्य तिरंगा यात्रा: 5 कालिदास मार्ग से विधानभवन तक उमड़ा जनस... JPSC-JSSC आंदोलन का 16वां दिन: आज सरकार संग अंतिम दौर की वार्ता; छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत ब... BSF Firing Amritsar: घरिंडा के BOP दाओके में BSF की फायरिंग, सीमा पार करने की कोशिश कर रहा संदिग्ध ढ... सतना जिला अस्पताल में बड़ा नियम उल्लंघन: पीएम हाउस में घुसाई गईं स्कूली छात्राएं, सामने कराया गया पो...

नबन्ना में अधिकारी से मिलने पहुंचे अडाणी पुत्र

सरकार बदली तो बदल गयी औद्योगिक राजनीति भी

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद राज्य में औद्योगिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए नए प्रशासन की सक्रियता के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और गौतम अडाणी के पुत्र के बीच एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक को राज्य में निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों और उद्योग जगत के जानकारों का मानना है कि लंबे समय के बाद पश्चिम बंगाल में बड़े कॉर्पोरेट निवेश के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। गौरतलब है कि अतीत में पश्चिम बंगाल में निवेश को लेकर अडाणी समूह और राज्य सरकार के संबंध बहुत अधिक सौहार्दपूर्ण नहीं रहे थे। पिछली ममता बनर्जी सरकार के दौरान, अडाणी समूह को ताजपुर गहरे समुद्र बंदरगाह के निर्माण का टेंडर मिला था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत जटिलताओं के कारण वह परियोजना सिरे नहीं चढ़ सकी। अंततः टेंडर रद्द कर दिया गया और अडाणी समूह ने अपनी निवेश योजना को राज्य से हटा लिया था।

वर्तमान परिस्थितियों में उस पुराने अध्याय को पीछे छोड़ते हुए, अडाणी समूह द्वारा बंगाल में फिर से रुचि दिखाना औद्योगिक और व्यापारिक जगत के लिए एक अत्यंत सकारात्मक संदेश है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राज्य में बंदरगाह, सड़क, बिजली और लॉजिस्टिक्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भारी निवेश आता है, तो इससे न केवल रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, बल्कि राज्य के औद्योगिक विकास और समग्र आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी।

यद्यपि बैठक के बाद आधिकारिक रूप से किसी विशेष परियोजना या निवेश की राशि की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन इस मुलाकात ने राज्य के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर एक नई उम्मीद जगा दी है। इस बैठक को पश्चिम बंगाल की बदलती औद्योगिक नीति और निवेश-अनुकूल दृष्टिकोण के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।