Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Rahul Gandhi on Paper Leak: 'देवभूमि को बना दिया पेपर लीक का एपिसेंटर', राहुल गांधी का उत्तराखंड की ... Uttarkashi Earthquake: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में डोली धरती, महसूस किए गए भूकंप के झटके, लोगों में द... NEET UG 2026 Result: NTA ने जारी किए नीट के नतीजे, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने ऑल इंडिया टॉपर Delhi Kanjhawala Case: कंझावला में खौफनाक वारदात, तेज रफ्तार SUV ने स्कूटी सवार को कई बार कुचला Delhi Weather Update: दिल्ली में गर्मी और उमस का सितम, 39 डिग्री तक पहुंचेगा पारा, जानें मौसम का हाल Delhi Police Commissioner: अनुराग कुमार बने दिल्ली के नए पुलिस कमिश्नर, सतीश गोलचा की ली जगह Datia By-Election: दतिया में कांग्रेस का प्रचार तेज, जीतू पटवारी ने संभाला मोर्चा, अवधेश नायक को मना... Bilaspur Crime News: बलौदाबाजार के ट्रैफिक SI की पत्नी की शिवनाथ नदी में मिली लाश, 3 दिन से थी लापता CG Congress: फूलोदेवी नेताम के डिनर से गरमाई सियासत, क्या छत्तीसगढ़ को मिलेगा नया कांग्रेस प्रदेश अध... अशोकनगर में खुलेगा 2000 सीटों वाला कॉल सेंटर, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने युवाओं को दी बड़ी सौगात

Budha Pahar Census 2026: माओवादियों के गढ़ से लोकतंत्र की मुख्यधारा तक; बूढ़ा पहाड़ में पहली बार होगी जनगणना

पलामू: कभी माओवादियों का ट्रेनिंग सेंटर कहा जाने वाला बूढ़ा पहाड़ अब पूरी तरह से बदल चुका है। 2011 की जनगणना के दौरान जो क्षेत्र ‘नो-गो ज़ोन’ माना जाता था, वहां अब 2026 में पहली बार जनगणना टीम बिना किसी डर के दाखिल होगी। यह ऐतिहासिक बदलाव सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ और विकास परियोजनाओं के बाद संभव हो पाया है। अब बूढ़ा पहाड़ के हर परिवार तक पहुंचना और उनका डेटा इकट्ठा करना सरकार की प्राथमिकता है।

🛡️ सुरक्षा के लिए पुलिस का खास ‘प्लान’

बूढ़ा पहाड़ के साथ-साथ पलामू, गढ़वा और लातेहार के उन तमाम गांवों में जनगणना कार्य शुरू हो गया है, जहां पहले टीमें नहीं पहुंच पाती थीं। इन कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। डीआईजी किशोर कौशल ने स्पष्ट किया है कि पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस पिकेट और सुरक्षा बल के कैंप तैनात हैं। जनगणना कर्मियों को स्थानीय थानों और कैंपों की सीधी निगरानी में रखा जाएगा ताकि वे निर्भय होकर अपना काम कर सकें।

🗳️ चुनाव के बाद अब जनगणना की बारी

बूढ़ा पहाड़ की बदली तस्वीर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में यहां पहली बार हेसातु जैसे क्षेत्रों में मतदान केंद्र बनाए गए थे। अब जनगणना टीम झालू डेरा, बहेरा टोली, कुल्हि और तिसिया जैसे उन गांवों में भी जाएगी, जहां तीन दशक तक केवल नक्सलियों का साया था। 2023 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा इसे नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने और ‘बूढ़ा पहाड़ डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ शुरू किए जाने के बाद से यह इलाका अब विकास की राह पर है।

📊 27 गांवों और 25 हजार आबादी का डेटा

बूढ़ा पहाड़ इलाके में कुल 27 गांव आते हैं, जिनमें गढ़वा के 16 और लातेहार के 11 गांव शामिल हैं। इस पूरे इलाके की आबादी लगभग 20 से 25 हजार के बीच है। तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद अब पहली बार जनगणना कर्मी इन गांवों के हर परिवार तक पहुंचेंगे और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। यह बूढ़ा पहाड़ के निवासियों के लिए लोकतंत्र का एक नया अध्याय है।