CM Hemant Soren News: वित्तीय स्थिति और सिंचाई योजनाओं पर सीएम की नजर; अवैध खनन रोकने और बायोमैट्रिक के निर्देश
रांची: अपनी सरकार के कामकाज की जमीनी हकीकत और विभिन्न योजनाओं की प्रगति को परखने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभागीय समीक्षा का सिलसिला शुरू कर दिया है। 11 जून तक चलने वाली इस मैराथन समीक्षा के पहले दिन मुख्यमंत्री ने वित्त, वाणिज्य-कर और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर कार्यों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने राजस्व संग्रहण, बजट के प्रभावी क्रियान्वयन और लंबित सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
📊 वित्तीय स्थिति और खनन राजस्व में सुधार
समीक्षा बैठक में सामने आया कि खनन राजस्व के मामले में झारखंड की स्थिति ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों से बेहतर है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए पारदर्शिता और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि खनन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ‘बायोमैट्रिक प्रणाली’ को सख्ती से लागू किया जाए। साथ ही, कर चोरी रोकने और स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
💧 किसानों के लिए बड़ी प्राथमिकता: जल संसाधन विभाग की परियोजनाओं पर जोर
वाणिज्य-कर विभाग के बाद मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है, इसलिए खेतों तक पानी पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में चांडिल बांध, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना, स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की कई महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट कहा कि राज्य की नदियों के जल को संरक्षित कर किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
🗓️ समीक्षा बैठक का आगामी कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, विभागों की समीक्षा के लिए निम्नलिखित तिथियां निर्धारित की गई हैं:
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26 मई: स्कूली शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग।
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27 मई: ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग।
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28 मई: नगर विकास, आवास एवं पथ निर्माण विभाग।
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1 जून: कल्याण और सूचना विभाग।
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2 जून: स्वास्थ्य और खाद्य आपूर्ति विभाग।
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3 जून: खान, वन एवं पर्यावरण विभाग।
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4 जून: श्रम, ऊर्जा एवं कौशल विकास विभाग।
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5 जून: उच्च शिक्षा और पर्यटन विभाग।
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6 जून: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग।
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9 जून: पेयजल एवं उत्पाद विभाग।
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10 जून: गृह एवं आपदा प्रबंधन विभाग।
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11 जून: परिवहन, राजस्व एवं विधि विभाग।