IIT ISM Dhanbad Updates: युवा संगम फेज-6 में इंदौर जाएंगे झारखंड के 42 युवा; समझेंगे मध्य प्रदेश की संस्कृति और नवाचार
धनबाद: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी “एक भारत श्रेष्ठ भारत” पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम फेज-VI’ कार्यक्रम के तहत सोमवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद से झारखंड के होनहार प्रतिभागियों का एक विशेष दल आईआईटी इंदौर के लिए आधिकारिक रूप से रवाना हुआ। इस ऐतिहासिक और गौरवमयी अवसर पर संस्थान परिसर में चारों तरफ अभूतपूर्व उत्साह, देशभक्ति और उमंग का माहौल देखने को मिला।
आईआईटी (आईएसएम) के भव्य पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित ‘फ्लैग ऑफ समारोह’ में संस्थान के माननीय निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तथा पेंटाथलॉन विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता अनु कुमारी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर और प्रतिभागियों को हरी झंडी दिखाकर इंदौर के लिए रवाना किया।
🤝 मध्य प्रदेश की संस्कृति और नवाचार को समझेंगे 42 युवा: 26 मई से 3 जून तक आईआईटी इंदौर में आयोजित होंगे विभिन्न कार्यक्रम
इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत झारखंड के विभिन्न जिलों से चयनित 42 मेधावी युवा प्रतिभागी 26 मई से 3 जून तक आईआईटी इंदौर के परिसर में आयोजित होने वाली विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी और सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे। इस यात्रा के दौरान इन युवाओं को दूसरे राज्य (मध्य प्रदेश) की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, उन्नत शिक्षा व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, स्थानीय परंपराओं और सामाजिक जीवन को बहुत नजदीक से देखने व समझने का एक अनूठा और बेहतरीन अवसर मिलेगा।
युवा संगम कार्यक्रम का मुख्य और व्यापक उद्देश्य देश के विभिन्न सुदूर राज्यों के युवाओं के बीच परस्पर सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देना, भाषाई आदान-प्रदान को सुगम बनाना और देश में राष्ट्रीय एकता व अखंडता की भावना को जमीनी स्तर पर मजबूत करना है।
💡 युवाओं की पहचान उनकी उम्र से नहीं, बल्कि उनके क्रांतिकारी विचारों से होती है: संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा
समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों को प्रेरित और संबोधित करते हुए आईआईटी (आईएसएम) के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा ने कहा कि आज के आधुनिक युग में युवाओं की वास्तविक पहचान केवल उनकी शारीरिक उम्र से तय नहीं होती, बल्कि उनके प्रगतिशील विचारों, राष्ट्र के प्रति उनके उत्साह और कठिन से कठिन चुनौतियों का डटकर सामना करने की उनकी आंतरिक क्षमता से होती है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए इस प्रकार के अंतर-राज्यीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रम हमारे युवाओं को नए वैश्विक अनुभवों से जोड़ते हैं और उन्हें अपनी छिपी हुई बहुमुखी प्रतिभा को वैश्विक मंच पर निखारने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।
🏆 ‘विकसित भारत 2047’ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं युवा: खेल रत्न और मुख्य अतिथि अनु कुमारी की भावुक अपील
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय पेंटाथलॉन एथलीट अनु कुमारी ने अपने जीवन के कड़े संघर्षों और खेल यात्रा के उतार-चढ़ाव भरे प्रेरक अनुभवों को युवाओं के साथ साझा किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को जीवन में कभी हार न मानने, निरंतर कड़ी मेहनत करने, अस्थायी असफलताओं से सकारात्मक सीख लेने और देश के प्रधानमंत्री के सपने ‘विकसित भारत 2047’ (Viksit Bharat 2047) के निर्माण में अपनी बौद्धिक और सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पुरजोर तरीके से प्रेरित किया। उनकी इस खेल यात्रा के संस्मरणों को सुनकर ऑडिटोरियम में मौजूद सभी छात्र और शिक्षक तालियों की गड़गड़ाहट के साथ झूम उठे।
🌾 झारखंड की समृद्ध सभ्यता और लोक कला का बेहतर प्रतिनिधित्व करें: रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने दी शुभकामनाएं
समारोह को संबोधित करते हुए डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) प्रो. एसके गुप्ता ने कहा कि युवा संगम देश के युवाओं के लिए आपसी सांस्कृतिक संवाद, व्यावहारिक शिक्षा और अंतर-राज्यीय संबंध मजबूत करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और मील का पत्थर साबित होने वाला मंच है। वहीं, संस्थान के रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय ने यात्रा पर जा रहे सभी प्रतिभागियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश की धरती पर जाकर झारखंड की गौरवशाली आदिवासी संस्कृति, लोक कला, पावन परंपरा और अतिथि देवो भवः की सभ्यता का एक आदर्श और बेहतर प्रतिनिधित्व करें, ताकि दोनों राज्यों के रिश्ते और मजबूत हो सकें।
इस गरिमामयी और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रम में डीन (आरएंडडी) प्रो. पार्थसारथी दास, स्पोर्ट्स ऑफिसर डॉ. अनीता कुमारी तथा असिस्टेंट रजिस्ट्रार मृत्युंजय शर्मा सहित शिक्षा, खेल और प्रशासन जगत के कई गणमान्य लोग और प्रोफेसर प्रमुख रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में सभी 42 प्रतिभागियों को संस्थान की ओर से विशेष किट और शुभकामनाएं दी गईं, जिसके बाद पूरे परिसर में भारत माता की जय के नारों के साथ अत्यंत उत्साहपूर्ण माहौल में दल को स्टेशन के लिए विदा किया गया।