क्वाड सम्मेलन में भाग लेने आ रही है दिल्ली
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल और हिंद-प्रशांत (इंडो-पैसिफिक) क्षेत्र में उभरती सुरक्षा चुनौतियों के बीच, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने एक महत्वपूर्ण राजनयिक कदम के तहत अपने आगामी भारत दौरे की आधिकारिक घोषणा की है। अपनी इस उच्च-स्तरीय यात्रा के दौरान वह भारत में आयोजित होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके साथ ही, द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई देने के लिए वह नई दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्रियों की ढांचागत वार्ता की संयुक्त रूप से सह-मेजबानी भी करेंगी।
इस दौरे के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा, वर्तमान के इन अनिश्चित और चुनौतीपूर्ण समयों में, क्वाड (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद) एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रासंगिक साझेदारी के रूप में उभरा है। यह मंच उन चार प्रमुख लोकतांत्रिक राष्ट्रों का समूह है, जो मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।
उन्होंने आगे विस्तार से बताते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और संयुक्त राज्य अमेरिका का यह साझा मंच केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि चारों देश मिलकर समुद्री सुरक्षा (मैरिटाइम सिक्योरिटी), महत्वपूर्ण खनिजों की निर्बाध आपूर्ति (क्रिटिकल मिनरल्स सप्लाई चेन), टिकाऊ बुनियादी ढांचे के विकास और क्षेत्रीय आपदा राहत (डिजास्टर रिलीफ) जैसे साझा रणनीतिक हितों पर जमीन पर ठोस और सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।
विदेश मंत्री वोंग ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत प्रवास के दौरान द्विपक्षीय मोर्चे पर भी बेहद महत्वपूर्ण चर्चाएं होंगी। उन्होंने कहा, अपने भारत दौरे के दौरान, मैं भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ 17वें ऑस्ट्रेलिया-भारत विदेश मंत्रियों के फ्रेमवर्क डायलॉग की सह-अध्यक्षता करूंगी। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए ऑस्ट्रेलिया और भारत की यह रणनीतिक साझेदारी इतिहास में पहले कभी इतनी महत्वपूर्ण और परिणामोन्मुखी नहीं रही है।
पेनी वोंग के कार्यालय (विदेश मंत्रालय) द्वारा जारी एक विस्तृत आधिकारिक बयान में कहा गया है कि दोनों लोकतांत्रिक देश विभिन्न क्षेत्रों में अपने बहुआयामी सहयोग को और अधिक गहरा तथा व्यापक बना रहे हैं। बयान के अनुसार, व्यापक रणनीतिक भागीदारों (कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनर्स) के रूप में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक और सैन्य सहयोग तेजी से बढ़ रहा है।
इस आगामी द्विपक्षीय वार्ता के मुख्य एजेंडे में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को गति देना, रक्षा सहयोग को मजबूत करना, हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करना, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटना, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (ऊर्जा ट्रांजिशन), महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक तकनीक (क्रिटिकल टेक्नोलॉजी) का आदान-प्रदान, तथा शिक्षा और कौशल विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना शामिल है। विदेश मंत्री के कार्यालय ने यह भी साझा किया कि दोनों देशों के इस मजबूत होते आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के मूल केंद्र में दोनों देशों की जनता के बीच का एक पुराना, गहरा और स्थायी सामाजिक-सांस्कृतिक जुड़ाव (पीपल-टू-पीपल कनेक्ट) मौजूद है, जो इस साझेदारी को एक मजबूत आधार प्रदान करता है।