Mahasamund Drug Smuggling: महासमुंद पुलिस की बड़ी कार्रवाई; ओडिशा से लाया जा रहा 47 किलो गांजा जब्त, 23 लाख है कीमत
महासमुंद: छत्तीसगढ़ में नशे के अवैध कारोबार और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ पुलिस प्रशासन की चौतरफा और बेहद सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में महासमुंद जिला पुलिस ने बुधवार को तीन अलग-अलग अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के मामलों का भंडाफोड़ करने में बड़ी सफलता हासिल की है। जिले की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कोमाखान थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इन मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कुल 47 किलोग्राम से ज्यादा उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत 23 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने क्षेत्र में सक्रिय ड्रग माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
🧭 कच्चे रास्तों से छोटे पैकेट सप्लाई करने की प्लानिंग फेल: ओडिशा के पटनागढ़ से खरीदा गया था गांजा
पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख को देखते हुए गांजा तस्करों ने इस बार पुलिस को चकमा देने के लिए एक नई और शातिर प्लानिंग तैयार की थी। इसके तहत वे भारी मात्रा में गांजा ले जाने के बजाय कम-कम मात्रा में गांजे की तस्करी कर रहे थे और मुख्य हाईवे को छोड़कर ग्रामीण इलाकों के कच्चे व अंदरूनी रास्तों का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि पुलिस की नाकेबंदी और चेकिंग से आसानी से बचा जा सके। लेकिन पुलिस को मुखबिर से इसकी सटीक और पुख्ता सूचना पहले ही मिल चुकी थी, जिसके बाद एंटी नारकोटिक्स टीम ने त्वरित घेराबंदी कर तस्करों के पूरे प्लान पर पानी फेर दिया। पकड़े गए आरोपियों ने कुबूल किया है कि वे ओडिशा के पटनागढ़ क्षेत्र से थोक में गांजा खरीदकर महासमुंद, बागबाहरा और राजधानी रायपुर के क्षेत्रों में छोटे-छोटे पैकेट बनाकर ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में थे।
🏍️ पहला और दूसरा मामला: कोमाखान में बाइक पर गांजा ढोते राजू देवांगन गिरफ्तार; रायपुर ले जा रहा सुशांत बाग भी दबोचा गया
गांजा तस्करी का पहला मामला कोमाखान थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राजकुमार उर्फ राजू देवांगन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वह ओडिशा की सीमा पार कर अपनी मोटरसाइकिल पर गांजे की खेप छिपाकर ला रहा था। उसके पास से पुलिस ने 10 किलो 190 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत 5 लाख रुपये से अधिक है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, दूसरे मामले में पुलिस ने ग्राम कसेकेरा गौठान के पास नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध काले रंग की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल को रोका। बाइक सवार आरोपी सुशांत बाग से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसके पास मौजूद प्लास्टिक की बोरी से 7 किलो गांजा बरामद हुआ। वह इस खेप को रायपुर शहर के स्थानीय पेडलर्स को सप्लाई करने जा रहा था, लेकिन महासमुंद पुलिस ने उसे रास्ते में ही दबोच लिया।
🚗 तीसरा मामला: पुलिस को देखकर कार छोड़कर भागे तस्कर, डिक्की से मिला 30 किलो गांजा; आरोपियों की तलाश जारी
तीसरा बड़ा मामला भी कोमाखान थाना इलाके का ही है, जहां तस्कर एक लग्जरी कार के जरिए गांजे की बड़ी खेप ओडिशा से लेकर छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। घाट पर लगी पुलिस चेकिंग और नाकेबंदी को देखकर कार सवार तस्कर घबरा गए और गाड़ी को सड़क किनारे खड़ी कर घने जंगलों का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। पुलिस टीम ने जब लावारिस कार की तलाशी ली, तो उसकी डिक्की में व्यवस्थित तरीके से छिपाकर रखा गया 30 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने कार और गांजे को जब्त कर लिया है और फरार अज्ञात आरोपियों की धरपकड़ के लिए जंगलों और आसपास के गांवों में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
📈 पिछले 4 महीनों में महासमुंद पुलिस का रिकॉर्ड एक्शन: 93 मामलों में 64 क्विंटल गांजा जब्त, 236 आरोपी सलाखों के पीछे
महासमुंद जिला पुलिस ने बताया कि पिछले चार महीनों के भीतर जिले की सीमाओं और आंतरिक क्षेत्रों में नशा मुक्ति और अवैध तस्करी के खिलाफ एक व्यापक और विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस समयावधि के दौरान पुलिस ने रिकॉर्ड कार्रवाई करते हुए कुल 93 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं, जिनमें लगभग 64 क्विंटल (6400 किलोग्राम) अवैध गांजा जब्त किया जा चुका है। इन मामलों में देश के अलग-अलग राज्यों के कुल 236 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दिल्ली के अंतरराज्यीय तस्कर शामिल हैं। महासमुंद पुलिस ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि नशे के इस पूरे नेटवर्क और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज को नेस्तनाबूद करने के लिए पुलिस का यह सख्त एक्शन आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।