Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
शिवपुरी न्यूज़: 'न भगवान रहेंगे, न कसम खानी पड़ेगी', बार-बार की कसमों से तंग युवक ने कुएं में फेंकी ... Ujjain Mahakal Mandir: महाकाल मंदिर के बेहतर प्रबंधन के लिए बनेंगे 5 नए न्यास; प्रबंध समिति की बैठक ... Lokayukta Raid: 80 हजार की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए तीन बाबू; लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई से मचा ह... Relationship Murdered: रिश्ते हुए शर्मसार! फूफा ने भतीजी के साथ किया गलत काम; 5 माह की गर्भवती हुई म... MP Cabinet Meeting Today: एमपी कैबिनेट की बड़ी बैठक आज; किसानों को बोनस देने की तैयारी, इन प्रस्तावो... Nitesh Rane Relief: नितेश राणे को बड़ी राहत, बॉम्बे हाई कोर्ट ने जेल की सजा पर लगाई रोक Moradabad News: मासूम बच्ची के कत्ल मामले में कातिल को उम्रकैद; अफेयर और बदले की खूनी दास्तां का कोर... Rahul Gandhi on Election Results: असम-बंगाल में हार के बाद भड़के राहुल गांधी; बोले- 'चुनाव और संस्था... IPL 2026 Playoff Scenarios: क्या मुंबई इंडियंस अभी भी पहुंच सकती है प्लेऑफ में? जानिए बाकी 4 मैचों क... Aly Goni: अली गोनी ने पूरा किया बचपन का वादा; हज यात्रा के लिए रवाना हुए माता-पिता, भावुक हुए एक्टर

Bengal Election 2026: बंगाल में BJP की आंधी; मुस्लिम और महिला विधायकों की संख्या घटी, जानिए क्या है नया जातिगत समीकरण

बीजेपी की आंधी ने बंगाल विधानसभा की पूरी सियासी तस्वीर ही बदल दी है. 17वीं विधानसभा (2021-26) के मुकाबले इस बार बंगाल विधानसभा में मुस्लिम और महिला विधायक कम दिखेंगे. ब्राह्मण विधायकों की संख्या में भी कमी आई है. इसके मुकाबले बंगाल में कायस्थ विधायकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. इसी तरह बंगाल में दलित विधायकों की संख्या करीब 70 और आदिवासी विधायकों की संख्या 16 है. बंगाल में दलितों के लिए 68 सीट रिजर्व है.

पश्चिम बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आए हैं. इनमें 206 पर बीजेपी को जीत मिली है. 80 पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत हासिल की है. वहीं उन्नयन पार्टी को 2, कांग्रेस को 2 और सीपीएम-सेक्युलर फ्रंट गठबंधन को 2 सीटों पर जीत मिली है. बंगाल में सरकार बनाने के लिए 148 विधायकों की जरूरत होती है.

विधानसभा में मुस्लिम और महिला कम हुए

2021 विधानसभा चुनाव में बंगाल में 42 मुस्लिम विधायक चुनकर विधानसभा पहुंचे थे. इस बार मुस्लिम विधायकों की संख्या 36 है. कांग्रेस से 2 मुस्लिम जीतकर सदन पहुंचे हैं. इसी तरह सेक्युलर फ्रंट के एक मुस्लिम विधायक चुने गए हैं. उन्नयन पार्टी के हूमायुं कबीर 2 सीटों पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं. माकपा को एक सीटों पर जीत मिली है, उनके विधायक भी मुस्लिम हैं.

तृणमूल कांग्रेस को 80 सीटों पर जीत मिली है. पार्टी के 32 विधायक मुसलमान हैं. मंत्री फिरहाद हकीम भी चुनाव जीत गए हैं, जो कोलकाता पोर्ट सीट से लड़ते हैं. फिरहाद हकीम को ममता बनर्जी का करीबी नेता माना जाता है.

बंगाल में इस बार महिला विधायकों की संख्या में भी कमी आई है. खुद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गई हैं. बंगाल में इस बार 34 महिला विधायक चुनकर सदन पहुंची हैं. पिछली बार महिला विधायकों की संख्या 46 थी. तृणमूल कांग्रेस के सिंबल पर 14 महिला जीतकर विधानसभा पहुंची हैं.

इसी तरह बीजेपी के सिंबल पर 20 महिला जीतकर विधानसभा पहुंची हैं. बीजेपी ने इस बार 33 महिलाओं को टिकट दिया था. हालांकि, उसके 13 महिला उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा.

बंगाल में कायस्थ विधायकों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है. बीजेपी के सिंबल पर करीब 20 कायस्थ विधायकों ने जीत हासिल की है.

बीजेपी के दिलीप साहा सबसे अमीर विधायक

भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर नबाग्राम सीट से चुनाव जीतने वाले दिलीप साहा बंगाल के सबसे अमीर विधायक हैं. साहा की कुल संपत्ति 43 करोड़ है. तृणमूल के सिंबल पर कस्बा सीट से चुनाव जीतने वाले अहमद जावेद खान की संपत्ति 39 करोड़ रुपए है. हालांकि, खान पर 43 करोड़ का कर्ज भी है.

82 साल के सोभनदेव चट्टोपाध्याय बंगाल के सबसे बुजुर्ग विधायक हैं. उन्होंने तृणमूल के सिंबल पर बालीगंज सीट से जीत हासिल की है. दिनहाटा सीट से चुनाव जीतने वाले अजय राय पर सबसे ज्यादा मुकदमे हैं. बीजेपी विधायक राय पर कुल 20 केस हैं.

फेज-1 और 2 दोनों में बीजेपी को बड़ी बढ़त

बंगाल विधानसभा चुनाव में फेज-1 में 152 और फेज-2 में 141 सीटों पर मतदान कराए गए थे. दोनों ही फेज में बीजेपी को बड़ी जीत मिली है. बीजेपी ने फेज-1 की 152 में से 117 सीटों पर जीत हासिल की है. इसी तरह फेज-2 की 141 में से बीजेपी को 91 सीटों पर जीत मिली है.

फेज-2 में जिन सीटों पर चुनाव कराए गए थे, वो ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है. उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण 24 परगना और मुर्शीदाबाद तीन ही ऐसे जिले हैं, जहां पर बीजेपी तृणमूल से पिछड़ गई है. इसी तरह बीरभूम और मालदा में दोनों पार्टियों को बराबर-बराबर की सीटें मिली है. बाकी सभी जिलों में बीजेपी ने तृणमूल से ज्यादा सीटें जीती हैं.