Rewari Police Action: रेवाड़ी पुलिस की बड़ी कामयाबी; डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ ठगने वाले 4 साइबर अपराधी गिरफ्तार
रेवाड़ी: जिले के धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक दंपति को डिजिटल अरेस्ट कर 1.89 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के जिला करौली के गांव पांचौली निवासी रौनक जाटव, जिला करौली के गांव रिठौली निवासी पंकज सैनी, एमपी के जिला भिंड के गांव मुरावली हाल आबाद कौच तिराहा निवासी मानवेंद्र कौरव और एमपी के जिला दतिया के गांव परासरी निवासी मनविंद्र के रूप में हुई है.
रौनक के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये हुए थे ट्रांसफर: गिरफ्तार रौनक जाटव के खाते में ठगी के 5.5 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे, जबकि पंकज सैनी ने खाता मुहैया कराने के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. आरोपी मानविंद्र और मनविंद्र ने साइबर ठगी में प्रयोग किए गए एक अन्य खाते को कमिशन बेस पर साइबर ठगों को मुहैया कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को पेश अदालत करके पूछताछ के लिए एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है. पुलिस द्वारा इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी.
सेवानिवृत्त कर्मचारी से ठगी से जुड़ा है मामलाः जांचकर्ता ने बताया की गत 22 अप्रेल को धारूहेड़ा के सेक्टर-6 निवासी एक सेवानिवृत्त कर्मचारी राजपाल सिंह ने अपनी शिकायत में बताया था कि “गत 27 और 28 फरवरी को उसके फोन पर अनजान व्यक्ति के फोन आए. फोन करने वाले ने खुद को ट्राई सर्विस से बताते हुए कहा कि उसकी सिम बंद होने वाली है. उसकी आईडी से गलत ढंग से सिम खरीदी गई है.” उसके खिलाफ मुबंई में एफआईआर दर्ज है. उसे बताया गया कि उसके नंबर से न्यूड फोटो और वीडियो भेजे जा रहे हैं.
सीबीआई इंस्पेक्टर बता कर किया डिजिटल अरेस्ट: इसके बाद एक अन्य नंबर से आए फोन पर खुद को सीबीआई इंस्पेक्टर बताने वाले शख्स ने कहा कि उसे डिजिटल अरेस्ट किया गया है. अगर वह बचना चाहता है, तो उसके बताए गए खाता नंबरों पर पैसे ट्रांसफर करने होंगे. शुरू में उसने कुछ रकम ट्रांसफर की, तो उसे मनी लार्डिंग के केस में फंसाने की धमकी देने हुए और पैसे ट्रांसफर करा लिए. उसे और उसकी पत्नी को घर से बाहर नहीं निकलने और किसी से संपर्क नहीं करने को कहा गया था. उसे बार-बार डराकर 3 मार्च से 20 अप्रैल तक कुल 1 करोड़ 89 लाख 28 हजार रुपये विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा दिए. उसके फोन पर एक एप डाउनलोड कराने के बाद निगरानी रखी गई, जिससे वह और उसकी पत्नी कमरे में बंधक बने रहें.
साइबर थाना रेवाड़ी की जांच में खुला मामलाः राजपाल ने पुलिस शिकायत में बताया कि मोबाइल फोन पर एप डाउनलोड कराने के बाद उसे और उसकी पत्नी को ऑनलाइन पुलिसकर्मी, हथियार, कोर्ट, जज और फर्जी रसीद दिखाए गए. फर्जी जज ने प्रॉपटी की वेरिफिकेशन करते हुए उसे बेचेन और 70 प्रतिशत राशि सरकारी खजाने में जमा कराने को कहा. इसके के बाद पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना रेवाड़ी में ठगी का मामला दर्ज करके जांच शुरू की थी.