Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Vaibhav Sooryavanshi News: वैभव सूर्यवंशी का डरा हुआ है आयरिश खेमा? जय मूंदड़ा ने युवा भारतीय बल्लेब... भगवंत मान के विवादित वीडियो का मामला US-Iran Conflict: होर्मुज स्ट्रेट में फिर भड़का तनाव; ट्रंप के आदेश पर अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकान... यूक्रेन के जबर्दस्त हमले के बाद पुतिन पर आंतरिक दबाव 8th Pay Commission News: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में होगा बड़ा उछाल; फिटमेंट फैक्टर और HRA का ... Moto Pad 70 PRO Launch: मोटोरोला का दमदार टैबलेट भारत में लॉन्च; 13-इंच डिस्प्ले और AI फीचर्स के साथ... अब सिआचिन में भी ग्रीड की बिजली पहुंचेगी बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत पर अचानक नया हादसा Vat Purnima 2026: वट पूर्णिमा कब है? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और अखंड सौभाग्य का महत्व बुर्किना फासो ने अंततः एक बहुत बड़ा फैसला लिया

MP: सीएम मोहन यादव का ‘जमीनी’ एक्शन, ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से जानी हकीकत; उपार्जन केंद्रों पर सुविधाओं की बढ़ाई रफ्तार

भोपाल/शाजापुर/खरगोन: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का किसानों के प्रति संवेदनशीलता भरा अंदाज गुरुवार को देखने को मिला। शाजापुर और खरगोन जिले के उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण करने पहुंचे सीएम ने न केवल अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए, बल्कि स्वयं ट्रॉली पर चढ़कर गेहूं की गुणवत्ता और तौल प्रक्रिया का जायजा लिया। उनकी इस कार्यशैली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

क्या रहा औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य?

मुख्यमंत्री ने सुबह सबसे पहले खरगोन जिले के कतरगांव और फिर शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित ‘श्यामा वेयर हाउस’ का दौरा किया। उनका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

सरकार की नई पहल: क्या बदली व्यवस्था?

किसानों की परेशानी को समझते हुए सरकार ने कई बड़े बदलाव लागू किए हैं:

  • तौल कांटों की संख्या: किसानों को अब लंबे समय तक कतार में इंतजार नहीं करना पड़ेगा। केंद्रों पर तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है।

  • विकेंद्रीकरण: अब किसान जिले के किसी भी निर्धारित उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेच सकते हैं।

  • मौलिक सुविधाएं: केंद्रों पर पेयजल, टेंट, बैठने की व्यवस्था और छाया का प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है।

  • डिजिटल तैयारी: स्लॉट बुकिंग हेतु कंप्यूटर, नेट कनेक्शन और कुशल ऑपरेटरों की उपलब्धता अनिवार्य की गई है।

“अन्नदाता का सम्मान ही प्राथमिकता”

किसानों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के लिए किसानों का सम्मान और उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए:

  • त्वरित निराकरण: उपार्जन प्रक्रिया में आने वाली किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान मौके पर ही किया जाए।

  • निरंतरता: सभी 6 तौल कांटों पर तुलाई का काम बिना रुके चलता रहना चाहिए।

  • पारदर्शिता: बारदाने और अन्य संसाधनों की कमी न हो, यह जिला प्रशासन सुनिश्चित करे।

प्रशासनिक सतर्कता

सीएम ने इंदौर संभागायुक्त और आईजी को भी व्यवस्थाओं पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा इस मायने में भी महत्वपूर्ण है कि वे सीधे तौर पर जमीनी हकीकत देख रहे हैं, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ी है।