देश को भीषण गर्मी से राहत मिलने की पूरी उम्मीद
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समुद्र में बन रहे बारिश के बादल
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मई के अंत कर छींटे पड़ने लगेंगे
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गर्म हवाओं को खींच रहा है समंदर
राष्ट्रीय खबर
तिरुअनंतपुरमः इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के अपने सामान्य समय से पहले आने की संभावना है, जिससे भीषण लू (हीटवेव) का सामना कर रहे देश को बड़ी राहत मिल सकती है। यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स के नए आंकड़ों के अनुसार, मई के अंत तक दक्षिण भारत में वर्षा शुरू होने की उम्मीद है। यह उत्साहजनक पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 43–44 डिग्री से तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून के 18 से 25 मई के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तक पहुंचने की संभावना है। पूर्वानुमान बताते हैं कि 25 मई से 1 जून के बीच केरल और तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हो सकती है। यदि वर्तमान वायुमंडलीय स्थितियां बनी रहती हैं, तो मानसून 25 मई के आसपास केरल के तट से टकरा सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि वर्तमान में जारी भीषण गर्मी समुद्र से नमी वाली हवाओं को जमीन की ओर खींचने की प्रक्रिया को तेज कर रही है। विशेषज्ञों ने संकेत दिया है कि इस साल मानसून के आगमन के दौरान अल नीनो की स्थिति रहने की संभावना कम है। इसके अलावा, एक सकारात्मक हिंद महासागर द्विध्रुव वर्षा की गतिविधियों को और मजबूत कर सकता है। मई के अंतिम सप्ताह तक दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के ऊपर तेज पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है, जो नमी वाले बादलों को भारतीय तट की ओर खींच सकती हैं।
तिरुवनंतपुरम में आईएमडी वैज्ञानिक नीता के. गोपाल ने बताया कि केरल में लू का प्रकोप जारी है और अगले एक दिन के लिए चेतावनी जारी की गई है। पलक्कड़ और त्रिशूर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कोल्लम में तापमान में 2 डिग्री से की गिरावट के बाद इसे येलो अलर्ट में बदल दिया गया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य के शेष हिस्सों में गर्म और उमस भरी स्थिति बनी रहेगी, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। हालांकि, राहत जल्द मिलने की उम्मीद है; 26 अप्रैल की दोपहर से गरज के साथ छींटे पड़ने और 27 अप्रैल से नियमित वर्षा शुरू होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले साल, यानी 2025 में भी मानसून ने केरल में समय से पहले दस्तक दी थी। मानसून के इस शुरुआती आगमन से विशेष रूप से कृषि पर निर्भर लोगों और भीषण गर्मी से जूझ रही आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।