Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Sheopur News: श्योपुर में नगरपालिका अध्यक्ष रेणु गर्ग के साथ धक्का-मुक्की, विधानसभा अध्यक्ष के सामने... MP News: बीच रास्ते में रुका सीएम मोहन यादव का काफिला, पुलिस अधिकारी की 'इस' हरकत पर भड़के मुख्यमंत्... MP Politics: 'पाला बदलने वालों का सत्यानाश होगा', सीहोर में दलबदलू नेताओं पर बरसे दिग्विजय सिंह; BJP... MP News: मध्य प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी! गेहूं खरीदी के बदले खातों में पहुंचे ₹2548 करोड़, जा... MP News: उज्जैन पुलिस का 'जीवन रक्षक' अभियान, सड़क हादसे में घायल की मदद करने पर मिलेगा ₹25,000 का न... MP News: मऊगंज में खाकी का मानवीय चेहरा, 100 फीट गहरे कुएं में कूदे थाना प्रभारी; बचाई गाय की जान MP Politics: भोपाल में सीएम मोहन यादव से मिले शिवराज सिंह चौहान, बंद कमरे में हुई चर्चा से सियासी पा... Raja Raghuvanshi Murder Case: मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग कोर्ट से मिली सशर्त जमानत, जेल से ब... Raja Raghuvanshi Murder Case: सोनम के बाद अब राज कुशवाहा की बेल पर शिलांग कोर्ट में सुनवाई, मृतक के ... उज्जैन से काशी तक: सीएम मोहन यादव की भेंट 'वैदिक घड़ी' का पीएम मोदी ने किया अवलोकन, पंचांग और मुहूर्...

Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना ‘विवादित’ शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था ‘खून का प्यासा और बदमाश’

राजस्थान के कोटा में नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. शिलालेख पर लिखे शब्दों को पहले भी कई बार हटाने की मांग की जा चुकी है. दरअसल, 168 साल पुराना ब्रिटिश कब्रिस्तान में विवादित शिलालेख लगा है, जिसमें लिखा है कि भारतीय सिपाही खून के प्यासे और बदमाश, बदला लेंगे.

कोटा प्रशासन ने आखिरकार नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. कोटा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ने कलेक्टर को इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट दी है. इसमें उन्होंने साफ लिखा है कि शिलालेख पर लिखी भाषा कोटा के स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अपमानजनक और आम जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. इसलिए इस शिलालेख को कब्रिस्तान से हटाना उचित होगा. उन्होंने 13 अप्रैल को रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजी है.

हटेगा 168 साल पुराना शिलालेख

रिपोर्ट में लिखा कि इस शिलालेख पर कोटा रियासत के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए उपयोग किए शब्दों का कोटा के इतिहासकार, राजनीतिज्ञ और आम व्यक्ति लगातार विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं. इसलिए इसे हटाना उचित होगा. रिपोर्ट के अनुसार अभी कब्रिस्तान की देखरेख कोटा हेरिटेज सोसायटी कर रही है.

शिलालेख पर सैनिकों के बारे में रक्तपिपासु और बदमाश शब्द का जिक्र किया गया है. विवादित शिलालेख 168 साल पहले लगाया गया था. लगातार बढ़ रहा है विरोध, इतिहासकारों ने इसे कोटा का अपमान बताया गौरतलब है कि कब्रिस्तान में मेजर बर्टन की पत्नी ने उनकी कब्र पर एक शिला पट्टिका लगवाई गई थी, जो आज भी लगी है. इसका लगातार विरोध और हटाने की मांग जोर पकड़ रही है.

कई संगठनों ने शिलालेख हटाने की मांग की

भारतीय इतिहास संकलन समिति, कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा, भाजपा नेता पंकज मेहता, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी, एनएसयूआई, इंटैक सहित विभिन्न संस्थाओं और इतिहासकारों ने विवादित शिलालेख को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि क्रांतिकारियों का अपमान कोटा के हर व्यक्ति का अपमान है.