Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
UP Crime & Tragedy Update: बदायूं में विदाई के कुछ घंटे बाद ही उजड़ा दुल्हन का सिंदूर, जहरीले सांप क... Piyush Goyal Deepfake Video: कॉकरोच जनता पार्टी पर बयान का AI वीडियो वायरल, पीयूष गोयल बोले- 'फर्जी ... Weather Update Today: दिल्ली में उमस के बीच 28-29 जुलाई को भारी बारिश का येलो अलर्ट, यूपी-बिहार समेत... Delhi Metro Update: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के चलते आज लगातार चौथे दिन 18 मेट्रो स्टेशन बंद; देखें पूर... एक बड़ा भूकंप कई भूकंपों को जन्म देगा मॉडलिंग स्काउट डेनियम सियाद की मौत की जांच शुरू मॉस्को हवाई अड्डे के शीर्ष अफसर की मौत रिटेलर कंपनी वाइल्डबेरीज के गोदाम पर फिर हमला नये सिरे से बाइस शिशुओँ के अवशेष बरामद संयुक्त राष्ट्र ने लाल सागर हमलों के प्रति चिंता जतायी

Kota British Cemetery: कोटा में हटेगा 168 साल पुराना ‘विवादित’ शिलालेख, भारतीय सैनिकों को बताया था ‘खून का प्यासा और बदमाश’

राजस्थान के कोटा में नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. शिलालेख पर लिखे शब्दों को पहले भी कई बार हटाने की मांग की जा चुकी है. दरअसल, 168 साल पुराना ब्रिटिश कब्रिस्तान में विवादित शिलालेख लगा है, जिसमें लिखा है कि भारतीय सिपाही खून के प्यासे और बदमाश, बदला लेंगे.

कोटा प्रशासन ने आखिरकार नयापुरा स्थित ब्रिटिश कब्रिस्तान में मेजर चार्ल्स बर्टन की कब्र पर लगे विवादित शिलालेख को हटाने की सिफारिश कर दी है. कोटा उपखंड अधिकारी (एसडीएम) ने कलेक्टर को इसकी तथ्यात्मक रिपोर्ट दी है. इसमें उन्होंने साफ लिखा है कि शिलालेख पर लिखी भाषा कोटा के स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति अपमानजनक और आम जनमानस की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है. इसलिए इस शिलालेख को कब्रिस्तान से हटाना उचित होगा. उन्होंने 13 अप्रैल को रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए कलेक्टर को भेजी है.

हटेगा 168 साल पुराना शिलालेख

रिपोर्ट में लिखा कि इस शिलालेख पर कोटा रियासत के स्वतंत्रता सेनानियों के लिए उपयोग किए शब्दों का कोटा के इतिहासकार, राजनीतिज्ञ और आम व्यक्ति लगातार विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं. इसलिए इसे हटाना उचित होगा. रिपोर्ट के अनुसार अभी कब्रिस्तान की देखरेख कोटा हेरिटेज सोसायटी कर रही है.

शिलालेख पर सैनिकों के बारे में रक्तपिपासु और बदमाश शब्द का जिक्र किया गया है. विवादित शिलालेख 168 साल पहले लगाया गया था. लगातार बढ़ रहा है विरोध, इतिहासकारों ने इसे कोटा का अपमान बताया गौरतलब है कि कब्रिस्तान में मेजर बर्टन की पत्नी ने उनकी कब्र पर एक शिला पट्टिका लगवाई गई थी, जो आज भी लगी है. इसका लगातार विरोध और हटाने की मांग जोर पकड़ रही है.

कई संगठनों ने शिलालेख हटाने की मांग की

भारतीय इतिहास संकलन समिति, कोटा दक्षिण से भाजपा विधायक संदीप शर्मा, भाजपा नेता पंकज मेहता, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, एबीवीपी, एनएसयूआई, इंटैक सहित विभिन्न संस्थाओं और इतिहासकारों ने विवादित शिलालेख को हटाने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि क्रांतिकारियों का अपमान कोटा के हर व्यक्ति का अपमान है.