MP Road Revolution: नर्मदापुरम से खुलेगा दिल्ली-मुंबई का सीधा रास्ता, मध्य प्रदेश में सड़क क्रांति से घट जाएगी बड़े शहरों की दूरी
नर्मदापुरम: सिवनी मालवा विधानसभा में गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुल 1100 करोड़ की राशि के विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया. जिसमें नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के पुनर्निर्माण के लिए 972.16 करोड़ की लागत से सड़क पुनर्निर्माण कार्य एवं करीब 106.34 करोड़ के अन्य विकास कार्य शामिल हैं. सीएम ने मंच से नर्मदापुरम से टिमरनी तक बनने वाली सड़क को बेधड़क होकर उज्जैन-इंदौर और हरदा से दिल्ली मुंबई जाने का मार्ग बताया. वहीं, सीएम ने नारी शक्ति अधिनियम को देश में महिलाओं के लिए बड़ी ताकत बताया.
हरदा से जुड़ेगा फोर लाइन, दिल्ली-मुंबई जाना आसान
नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंच से कहा कि, ”लगभग 1000 करोड़ की सड़क छोटी-मोटी नहीं है, इस सड़क से बेधड़क उज्जैन-इंदौर तक पहुंचा जा सकता है. हरदा से फोर लाइन जुड़ जाएगा जिससे आपको दिल्ली-मुंबई जहां-जहां जाना हो पहुंचा जा सकता है. इससे सिवनी मालवा का पूरा क्षेत्र बदलेगा. पूरा क्षेत्र विकास के चलते नए समय में पहुंचेगा. मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि आपके क्षेत्र में सिर्फ सड़क नहीं आई है बल्कि विकास का सूर्य उदय हुआ है.”
सीएम मोहन यादव ने कहा, ”इसके साथ-साथ लगभग 106 करोड़ 30 लाख की लागत से विकास कार्य की सौगात मिली है. 48 करोड़ 61 लाख के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 69 लाख की लागत से 51 विकास कार्यों का भूमि पूजन हुआ है. लगभग 1100 करोड़ की लागत से सारे विकास कार्यों का भूमि पूजन एवं लोकार्पण किया गया है.
हमारी सरकार इतने प्रकार से काम कर रही है. जब मैं यहां बात कर रहा हूं तो रास्ते में मुझे याद आया कि इसी जिले के अंदर राजाभभूत सिंह के नाम पर पचमढ़ी क्षेत्र में कैबिनेट करने का नाम भी हमारी सरकार के माध्यम से हुआ है. अनुसूचित जाति जनजाति सामान्य वर्ग के कल्याण के लिए काम किए जा रहे हैं, साथ ही नर्मदापुरम में नर्मदा लोक कॉरिडोर बन रहा है.
”लाड़ली बहनों के खाते में 40,500 रुपए पहुंचे
उन्होंने कहा कि, ”PM नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 21 वीं शताब्दी के सबसे बड़े निर्णय की शुरुआत हुई है. दुनिया में सबसे बड़ा सक्षम देश सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश अपनी आधी आबादी को नमन कर रहा है. जिसके भरोसे से भविष्य में प्रदेश के साथ-साथ लोकसभा, विधानसभा में महिलाओं को ताकत मिलेगी. जब से लाडली बहन योजना चालू हुई है तब से 35वीं किस्त लेते-लेते बहनों के खाते में प्रति बहन 40 हजार 500 से ज्यादा खाते में आया है. सरकार भाई और बहन के रिश्ते को बांधकर रखती है.”