अडानी के कारखाने से बनकर निकला नया स्वदेशी हथियार
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निर्धारित समय से पहले डिलीवरी हुई
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इजरायल के सहयोग से बना हथियार
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मेक इन इंडिया के तहत बनाया गया है
राष्ट्रीय खबर
भोपालः भारत की रक्षा तैयारियों और मेक इन इंडिया अभियान को शनिवार को एक बड़ी सफलता मिली। अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने इजराइल वेपन इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर तैयार की गई 2,000 प्रहार लाइट मशीन गन की पहली खेप भारतीय सशस्त्र बलों को सौंप दी। यह डिलीवरी कुल 41,000 एलएमजी के बड़े ऑर्डर का एक हिस्सा है।
रक्षा विभाग के अतिरिक्त सचिव और महानिदेशक (अधिग्रहण), ए. अनबरसु ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि निजी रक्षा क्षेत्र की इस सक्रियता ने भारतीय सेना के कम से कम 20 महीने (600 दिन) बचाए हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया में संशोधन किया जा रहा है ताकि भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक उद्योग-अनुकूल बनाया जा सके। यह डिलीवरी न केवल समय की बचत है, बल्कि भविष्य में भारत के रक्षा निर्यात की वैश्विक क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।
अदानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के सीईओ आशीष राजवंशी ने इस यात्रा को 2020 में शुरू हुए आत्मनिर्भरता के सपने का सच होना बताया। उन्होंने कहा, पिछले छह वर्षों में हम एक पुर्जा निर्माता से एक पूर्ण गन ओईएम बन गए हैं। हमारा लक्ष्य केवल एक उत्पाद की आपूर्ति करना नहीं था, बल्कि भारत में लाइट मशीन गन, असॉल्ट राइफल, पिस्टल, स्नाइपर और कार्बाइन जैसे छोटे हथियारों का एक पूरा पोर्टफोलियो तैयार करना था। राजवंशी ने यह भी खुलासा किया कि अब अदानी डिफेंस सालाना एक लाख बंदूकें बनाने की क्षमता रखता है, जो इंडस्ट्री 4.0 डिजिटलीकरण के तहत उच्च गुणवत्ता और शून्य दोष के साथ तैयार की जाती हैं।
इजराइली सेना में नेगेव एनजी7 के नाम से मशहूर प्रहार एलएमजी को दुनिया की सबसे घातक और हल्की मशीन गन माना जाता है। बिना मैगजीन के इसका वजन मात्र 7.6 किलोग्राम है, जो अपने प्रतिस्पर्धियों से करीब 22 से 38 फीसद हल्का है। इसमें 508 मिमी लंबा बैरल है और इसकी कुल लंबाई 1,000 मिमी है। फोल्डिंग स्टॉक के साथ इसे 820 मिमी तक छोटा किया जा सकता है, जिससे यह पैराट्रूपर्स के लिए कूदते समय ले जाने में बेहद सुविधाजनक है। यह गन गैस इंपैक्ट सिस्टम और रोटेटिंग बोल्ट पर आधारित है, जो इसे युद्ध के मैदान में सटीक और विश्वसनीय बनाती है।
सीईओ शुकी श्वार्ट्ज ने भरोसा दिलाया कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद, भारत की रक्षा जरूरतों को पूरा करने में कोई कमी नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि भारत में स्थापित उनकी जेवी कंपनी एक स्वतंत्र इकाई के रूप में हर स्थिति में आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सक्षम है।