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प्रधानमंत्री मोदी योगी के साथ किया भव्य उद्घाटन

जेवर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह बनकर तैयार

  • एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शुमार

  • आईजीआई का बोझ इससे कम होगा

  • तमाम बड़े राजमार्गों से सीधा जुड़ाव

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः भारत के बुनियादी ढांचा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक अध्याय जोड़ते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 28 मार्च 2026 को दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का औपचारिक उद्घाटन किया। जेवर में स्थित यह हवाई अड्डा न केवल क्षेत्रीय संपर्क को सशक्त करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को बदलने में एक गेम-चेंजर साबित होगा।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह हवाई अड्डा 21वीं सदी के नए भारत की पहचान है। लगभग 5,000 हेक्टेयर में फैले इस प्रोजेक्ट को दुनिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है। उद्घाटन के साथ ही, दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब अकेला कार्यभार नहीं संभालेगा, जिससे यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत मिलेगी और विमानन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी से जोड़ा गया है। यह सीधे तौर पर यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा है। इसके अलावा, आने वाले समय में इसे रैपिड रेल और मेट्रो विस्तार के जरिए सीधे दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों से जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह गति शक्ति मास्टर प्लान का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो माल ढुलाई और रसद की लागत को कम करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस हवाई अड्डे के संचालन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश की बाढ़ आ जाएगी। जेवर और आसपास के क्षेत्रों में फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क और औद्योगिक गलियारों का निर्माण पहले से ही प्रगति पर है। प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। विशेष रूप से लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में असीम संभावनाएं पैदा होंगी।

यह एयरपोर्ट भारत का पहला नेट जीरो एमिशन हवाई अड्डा बनने की ओर अग्रसर है। यहाँ पर्यावरण संरक्षण के लिए सौर ऊर्जा और अत्याधुनिक जल संचयन प्रणालियों का उपयोग किया गया है। डिजिटल तकनीक के मामले में भी यह पूरी तरह कागज रहित अनुभव प्रदान करेगा।

आज का यह उद्घाटन उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के संकल्प की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब नोएडा और ग्रेटर नोएडा वैश्विक मानचित्र पर विमानन और व्यापार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित हो चुके हैं।