‘जीरो फैट’ ने ले ली जान! जांघ में लगा चाकू और तड़प-तड़प कर हुई बॉडी बिल्डर की मौत, डॉक्टरों का खुलासा कर देगा हैरान
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक 28 वर्षीय बॉडी बिल्डर सलमान ने अपने बड़े भाई से फोन पर हुए विवाद के बाद गुस्से में खुद की जांघ पर चाकू मार लिया. चौंकाने वाली बात यह है कि सलमान की जिस सुडौल और जीरो फैट बॉडी के लोग कायल थे, वही उसकी मौत की वजह बन गई.
इंचौली थाना क्षेत्र के लावड़ निवासी अलीहसन के बेटे सलमान (28) का अपना पोल्ट्री फार्म था और वह इलाके का जाना-माना बॉडी बिल्डर था. गुरुवार सुबह सलमान अपने कमरे में था, तभी फोन पर अपने बड़े भाई इमरान से उसकी किसी बात को लेकर तीखी बहस हो गई. झगड़ा इतना बढ़ा कि फोन कटते ही सलमान ने आपा खो दिया और घर में रखा सब्जी काटने वाला चाकू अपनी जांघ पर दे मारा.
क्यों जानलेवा साबित हुआ जांघ का वार?
डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार, सलमान की मौत की वजह उसकी टोन बॉडी और एक्सेस ब्लीडिंग रही. सामान्य व्यक्ति के शरीर पर चर्बी की परत होती है, जो किसी भी बाहरी वार के लिए एक कुशन या सुरक्षा कवच का काम करती है. सलमान पिछले काफी समय से जिम में पसीना बहाकर वेट लॉस कर रहा था और एब्स (Abs) बनाने में जुटा था. शरीर में चर्बी न होने और मांसपेशियां सख्त होने के कारण चाकू सीधे 3 इंच गहराई तक अंदर धंस गया और जांघ की मुख्य नस (Femoral Artery) को काट दिया.
जांघ की नस कटते ही खून का फव्वारा फूट पड़ा. घरवाले उसे अस्पताल ले गए, लेकिन शरीर में चर्बी की परत न होने की वजह से घाव इतना गहरा था कि डॉक्टर खून का रिसाव बंद नहीं कर सके.
मेडिकल साइंस क्या कहता है?
मेडिकल साइंस (NIH के अध्ययन) के मुताबिक, मोटे लोगों में सबक्युटेनियस फैट (त्वचा के नीचे की चर्बी) तेज धारदार हथियारों के वार को अंदरूनी अंगों तक पहुंचने से रोकती है. इसके विपरीत, जिम जाने वाले लोगों की मांसपेशियां तनी हुई होती हैं, जिससे चाकू या कोई भी नुकीली चीज बिना किसी रुकावट के सीधे नसों या हड्डियों तक पहुंच जाती है.
परिजनों का कार्रवाई से इनकार
सलमान की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा है. उसकी शादी 4 साल पहले हुई थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं. पुलिस मौके पर पहुंची थी, लेकिन परिजनों ने किसी भी कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया है. एएसपी बजरंग प्रसाद ने बताया कि यह आत्महत्या का मामला है और परिवार ने कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है.