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ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री का मस्जिद में विरोध

हमास के खिलाफ इजरायल के समर्थन में बयान की प्रतिक्रिया

सिडनीः ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ को शुक्रवार को एक अप्रत्याशित और तनावपूर्ण स्थिति का सामना करना पड़ा, जब उन्हें देश की सबसे बड़ी मस्जिद से प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध के बीच बाहर निकलना पड़ा। सिडनी की प्रसिद्ध लकेम्बा मस्जिद में ईद के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम समुदाय के कुछ सदस्यों ने इज़राइल-हमास युद्ध पर सरकार के रुख को लेकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को नीच कुत्ता और नरसंहार समर्थक जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया।

प्रदर्शनकारियों का मुख्य गुस्सा 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर हमास के हमले के बाद गाजा पट्टी में मारे गए हजारों फिलिस्तीनियों की मौतों को लेकर था। एंथनी अल्बनीज़ और उनकी वामपंथी लेबर सरकार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने इज़राइल के रक्षा के अधिकार का समर्थन करके मानवीय संकट को अनदेखा किया है। हालांकि सरकार ने गाजा में युद्धविराम का समर्थन किया है, लेकिन प्रदर्शनकारियों का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया का रुख पर्याप्त रूप से कड़ा नहीं रहा है। मस्जिद के भीतर मौजूद भीड़ में से किसी ने चिल्लाकर कहा, वह यहाँ क्यों है? इसे यहाँ से बाहर निकालो!

वीडियो फुटेज में प्रधानमंत्री अल्बनीज़ को गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क के साथ मस्जिद में खड़ा देखा गया, जहाँ वे रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति पर ईद मनाने पहुंचे थे। जैसे ही विरोध बढ़ा, मस्जिद के सचिव गेमल खैर ने भीड़ से शांत रहने की अपील की। उन्होंने कहा, आप जिस स्थान पर हैं, उसका सम्मान करें। हमें अपने राजनीतिक नेताओं के साथ खुली और स्पष्ट बातचीत करनी चाहिए, न कि उनसे दूर भागना चाहिए। हालांकि, उनकी अपील का प्रदर्शनकारियों पर बहुत कम असर पड़ा। एक व्यक्ति ने सचिव को टोकते हुए कहा, आपने उन्हें माननीय कहा? वह लाखों लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ के लिए यह राजनीतिक रूप से एक चुनौतीपूर्ण क्षण है, क्योंकि उन्हें एक तरफ अपने पारंपरिक वोट बैंक (मुस्लिम समुदाय) की भावनाओं को शांत करना है और दूसरी तरफ इज़राइल के साथ द्विपक्षीय संबंधों को संतुलित रखना है। इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में सुरक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक कार्यक्रमों में नेताओं की भागीदारी को लेकर नई बहस छिड़ गई है।