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संभल प्रशासन को हाई कोर्ट का बड़ा झटका! नमाज पर पाबंदी वाला आदेश रद्द; अदालत ने कहा- ‘नमाजियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे पुलिस’

उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट से संभल प्रशासन को एक बार फिर झटका लगा है. हाई कोर्ट ने अब संभल प्रशासन के मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने के आदेश को रद्द कर दिया है. हाई कोर्ट ने आदेश में कहा है कि प्रशासन सभी नमाज पढ़ने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. अगर नमाज पढ़ने में कोई बाधा उत्पन्न करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए.

दरअसल, पिछले दिनों संभल प्रशासन की ओर से मस्जिद में 20 लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी गई थी. संभल प्रशासन ने सुरक्षा का मसला बताते हुए नमाज को सीमित करने का आदेश दिया था. पिछले दिनों सुनवाई के क्रम में हाई कोर्ट ने सुरक्षा के मसले पर संभल डीएम और एसपी को कड़ी फटकार लगाई थी. सुरक्षा न दे पाने की स्थिति में इस्तीफा देने की बात कही थी. इसके बाद हाई कोर्ट ने 16 मार्च यानी सोमवार को सुनवाई की डेय तय कर दी थी. सोमवार को सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने संभल प्रशासन के नमाज से जुड़े आदेश को भी रद्द कर दिया है.

रमजान के दौरान नमाज अदा करने से रोकने का आरोप

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में मुनाजिर खान की ओर से रिट सी याचिका दाखिल की गई थी. इस आदेश के खिलाफ संभल के रहने वाले मुनाजिर खान ने हाईकोर्ट में 18 फरवरी को याचिका दाखिल की और प्रशासन को चुनौती दी। इस मामले में पहली सुनवाई 27 फरवरी को हुई. याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वकील ने हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि वहां एक मस्जिद स्थित है. मामले में हाई कोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई.

कानून व्यवस्था का हवाला देकर प्रशासन ने दिया था आदेश

दरअसल, इस जगह पर रमजान के माह में सामूहिक नमाज की इजाजत मांगी गई थी. जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था का मामला बताते हुए 20 से अधिक लोगों के नमाज पढ़ने पर यहां रोक लगा दी. प्रशासन के फैसले के खिलाफ संबंधित पक्ष हाई कोर्ट चला गया. सुनवाई के क्रम में हाई कोर्ट ने प्रशासन को खूब सुना दिया. कोर्ट ने एसपी और डीएम को कड़ी फटकार लगाई थी. इतना ही नहीं, दोनों अधिकारियों को इस्तीफा दिए जाने की बात कही थी.