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Dhamtari News: कलेक्ट्रेट के करीब अवैध प्लॉटिंग का पर्दाफाश, बेखौफ भू-माफियाओं ने काटी कॉलोनी; नियमों की जमकर उड़ी धज्जियां

धमतरी: कलेक्ट्रेट के ठीक पीछे, लाइवलीहुड कॉलेज के आसपास इन दिनों अवैध प्लॉटिंग किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि यहां पर नियमों के खिलाफ जमीन की प्लॉटिंग कर उसे खरीदने और बेचने का काम किया जा रहा है. आरोप है कि इलाके में भूमाफिया सक्रिय हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जमीन की अवैध प्लॉटिंग कर उसे बेचने का काम जिला कलेक्ट्रेट से महज 200 मीटर की दूरी पर किया जा रहा है.

जमीन की प्लॉटिंग किए जाने पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों के अनुसार, जमीन को छोटे-छोटे प्लॉटों में बांट दिया गया है. खरीदारों को आकर्षित करने के लिए वहां मुरुम डालकर सड़क भी बना दी गई है, ताकि देखने में यह जगह एक व्यवस्थित कॉलोनी जैसी लगे. बताया जा रहा है कि कई लोगों से प्लॉट बेचने की बातचीत भी शुरू कर दी गई है. इससे इलाके में रहने वाले लोगों के बीच भी चिंता बढ़ने लगी है.

लोगों की शिकायत है कि प्रशासन की नाक के नीचे सब हो रहा

सालों से इस इलाके में रह रहे लोगों और जानकारों का कहना है कि बिना वैध अनुमति के इस तरह की प्लॉटिंग करना पूरी तरह से गलत है. नियमों के अनुसार किसी भी जमीन को कॉलोनी के रूप में विकसित करने या प्लॉट काटकर बेचने के लिए प्रशासन और नगर नियोजन से अनुमति लेना जरूरी होता है. लोगों का कहना है कि जिस तरह से यहां प्लॉटिंग का काम तेजी से किया जा रहा है, उससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर यह सब किसकी जानकारी और संरक्षण में हो रहा है. लोगों का सवाल है कि जब यह अवैध प्लॉटिंग कलेक्ट्रेट से इतनी कम दूरी पर हो रही है, तो फिर अब तक प्रशासन की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी. क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं थी, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी. इसी वजह से अब लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर इन भूमाफियाओं को किसका संरक्षण मिल रहा है.

एसडीएम का बयान

फिलहाल इस मामले में एसडीएम पीयूष तिवारी ने संज्ञान लेते हुए जांच कराने की बात कही है. उनका कहना है कि यदि जांच में अवैध प्लॉटिंग की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.