गैस संकट का साइड इफेक्ट! इंदौर की शादियों में अब लकड़ी-कंडे पर बनेगा खाना; प्रशासन ने कमर्शियल सिलेंडर पर लगाई रोक, जानें नई गाइडलाइंस
इंदौर: ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के कारण देशभर में कर्मर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर ब्रेक लग गया है. इसका असर मध्य प्रदेश पर भी पड़ना शुरू हो गया है. रेस्टोरेंट्स के बाद अब शादियों के खाने के लिए भी ईंधन का संकट खड़ा हो गया है. कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर गैस कंपनियों द्वारा रोक लगाने के बाद खाद्य विभाग ने अब प्रदेश के कैटरिंग संगठनों से शादियों में ईंधन के पारंपरिक साधन अपनाने की अपील की है, जिसमें लकड़ी, कंडे और पारंपरिक भट्टियों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है.
फूड व कैटरिंग इंडस्ट्री पर खतरा, शादी में 100 की जगह 15 पकवान बनेंगे
इंदौर में मंगलवार को हुई बैठक के बाद कैटरिंग संगठन ने अब 100 तरह के पकवान के स्थान पर शादियों में 15 तरह के पकवान तैयार करने का ही फैसला किया है. ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध के लंबे खिंचने के कारण भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, लिहाजा गैस कंपनियों ने आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की आपूर्ति जारी रखने के लिए कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर मंगलवार से रोक लगा दी है. इस स्थिति में रेस्टोरेंट होटल और कमर्शियल कुकिंग में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस के कारण खान-पान के उद्योग पर भी खतरा मंडरा रहा है.
लकड़ी, कंडे व भट्ठी पर बनेगा शादियों का खाना
शादियों के सीजन में अचानक कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति रुकने से प्रदेश के कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े हलवाई और कैटरर्स भी परेशान है, जिनके साथ आज इंदौर में खाद्य विभाग द्वारा बैठक की गई. इस बैठक में युद्ध के हालात में सभी से सहयोग करने की मांग प्रशासन द्वारा की गई. इस दौरान कैटरर्स को एलपीजी गैस के विकल्प के रूप में पारंपरिक ईंधन के स्रोत को अपनाने की सलाह दी गई. उन्हें बताया गया है कि केरोसिन की भट्टी के अलावा इंडक्शन कुकर और लकड़ी कंडे से भी शादियों का खाना बनाने का प्रयास करें. इस दौरान कैटरिंग संगठन द्वारा तय किया गया कि शादियों में लोग 100 तरह के पकवान बनवाते हैं लेकिन अब 15 से 20 तरह के पकवान ही बनाए जाएंगे.
प्राथमिकता के हिसाब से मिलेंगे कमर्शियल सिलेंडर
मध्य प्रदेश कैटरिंग संगठन के अध्यक्ष उमेश जैन ने बताया, ” जिला प्रशासन ने कमर्शियल सिलेंडर पहले हॉस्पिटल, हॉस्टल और उसके बाद कैटरिंग वालों को देने का फैसला किया है. इसलिए जैसे ही कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू होगी, इसी प्राथमिकता के अनुसार सिलेंडर मिलेंगे. इंदौर के फूड कंट्रोलर एम एल मारू ने बताया, ” अंतरराष्ट्रीय समस्या के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की रोक के बाद आज कैटरिंग संगठन की बैठक ली गई थी, जिसमें कैटरिंग व्यवसाय से जड़े लोगों को एलपीजी सिलेंडर के स्थान पर पारंपरिक ईंधन स्रोत अपने की सलाह दी गई है.”
इंदौर के होटल कारोबारी परेशान, सरकार से की ये मांग
वहीं, युद्ध के कारण देशभर में कर्मर्शियल सिलेंडर की स्पलाई पर ब्रेक लगने से पूरे प्रदेश के होटल कारोबारी परेशान हैं. मध्य प्रदेश होटल कारोबारी एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने कहा, ” गैस की सप्लाई में यदि रुकावट आएगी तो बिना ईंधन के हम खाना नहीं बना पाएंगे. ये एक बड़ी समस्या हो सकती है. हमारा प्रयास रहेगा कि हम सरकार के साथ कंधा से कंधा मिलाकर खड़ा रहें, हम बंद व किसी भी गतिविधि में पार्टिसिपेट नहीं करेंगे. जब तक हमारे पास संसाधन मौजूद हैं, हम सर्विस देते रहेंगे क्योंकि यह सिर्फ सरकार की नहीं बल्कि हमारी भी व्यक्तिगत जिम्मेदारी है कि ऐसी इमरजेंसी में सहयोग करें. लेकिन हमारी सरकार से यह मांग है कि हमें भी इमरजेंसी सर्विसेस में रखकर हमारी भी व्यवस्था की जाए, इसके लिए भी पॉलिसी बनाई जाए क्योंकि बाहर से आने वाला व्यक्ति होटल में पर ही आश्रित रहता है, ऐस में उनकी सेवा करना हमारा धर्म है.”
सिलेंडर की ना हो कालाबाजारी
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने आगे कहा, ” हमारा सरकार से आग्रह है कि इस दौरान किसी भी प्रकार से कालाबाजारी ना हो और लोगों को भी कालाबाजारी नहीं करना चाहिए, जितनी आवश्यकता है उतना ही स्टॉक वह करें. जरूरत से ज्यादा कोई स्टॉक कर लेगा, तो ना चाहते हुए भी कमी आ जाएगी. शहर में कोई भी व्यक्ति स्टॉक ना करे और ऊंचे दामों पर सिलेंडर ना बिके. इस पर प्रशासन और शासन को कंट्रोल में रखना होगा.”