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अकाउंट एक, FIR चार! पटना के व्यापारी ने ‘किराये’ पर दे दिया अपना बैंक खाता; साइबर ठगों ने 4 राज्यों में मचाया कोहराम, गजब है यह कहानी

बिहार की राजधानी पटना में साइबर पुलिस ने एक ऐसे दवा व्यापारी को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर अपराधियों को किराए पर दे रखा था. कंकड़बाग निवासी इस व्यापारी के खाते से महज 6 दिनों के भीतर 81 लाख रुपये का संदिग्ध लेनदेन हुआ, जिसके बदले उसे भारी-भरकम कमीशन मिला. अब यह व्यापारी पुलिस की सलाखों के पीछे है और जांच की आंच कई अन्य राज्यों तक पहुंच गई है

गिरफ्तार व्यापारी की पहचान अनिल कुमार के रूप में हुई है. जांच में सामने आया कि अनिल ने अपनी फर्म के नाम पर एक करंट अकाउंट खुलवाया था. इस अकाउंट का इस्तेमाल साइबर ठग देश भर में लोगों से लूटी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए कर रहे थे. चौंकाने वाली बात यह है कि इस अवैध काम के बदले अनिल को 16 लाख 20 हजार रुपये का कमीशन भी मिला.

4 राज्यों की पुलिस को थी तलाश

साइबर थाना अध्यक्ष सह डीएसपी नीतिश चंद्र धारिया ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर जब अनिल के खाते की पड़ताल की गई, तो परतें खुलती चली गईं. अनिल के इस करंट अकाउंट के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा समेत चार अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें पहले से दर्ज थीं. जब पुलिस ने अनिल से इतनी बड़ी रकम के स्रोत के बारे में पूछा, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.

पुलिस की रडार पर कमीशन एजेंट

पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि अनिल अकेला ऐसा व्यक्ति नहीं है. राजधानी में एक पूरा नेटवर्क सक्रिय है जो कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को अपने खाते उपलब्ध कराता है. डीएसपी ने बताया कि पुलिस अब उन सभी लोगों को चिन्हित कर रही है जो अनजाने में या जानबूझकर साइबर गैंग के मददगार के रूप में काम कर रहे हैं.

सावधानी ही बचाव है

साइबर पुलिस ने आम नागरिकों और व्यापारियों को सचेत किया है कि वे कभी भी अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या नेट बैंकिंग क्रेडेंशियल्स किसी अनजान व्यक्ति को न दें. यदि आपके खाते से किसी भी तरह का संदिग्ध लेनदेन होता है, तो इसकी जिम्मेदारी खाताधारक की होगी और उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है.