Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच संपन्न हुआ मत... दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: खराब मौसम से प्रभावित गेहूं की भी होगी सरकारी खरीद, सिकुड़े और टूटे दानो... Guna Crime: गुना में पिता के दोस्त की शर्मनाक करतूत, मासूमों से अश्लील हरकत कर बनाया वीडियो; पुलिस न... Allahabad High Court: मदरसों की जांच पर NHRC की कार्यशैली से 'स्तब्ध' हुआ हाई कोर्ट; मॉब लिंचिंग का ... PM Modi in Hardoi: 'गंगा एक्सप्रेसवे यूपी की नई लाइफलाइन', हरदोई में बरसे पीएम मोदी— बोले, सपा-कांग्... Jabalpur Crime: 'शादी डॉट कॉम' पर जिसे समझा जीवनसाथी, वो निकला शातिर ब्लैकमेलर; फर्जी DSP बनकर 5 साल... Muzaffarpur Crime: मुजफ्फरपुर में बकरी चोरी के आरोप में युवक को खंभे से बांधकर पीटा, रिटायर्ड कृषि अ... Vande Bharat Extension: जम्मू से श्रीनगर का सफर अब और आसान, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव 30 अप्रैल को द... West Bengal Election 2026: बंगाल में दूसरे चरण में 91.66% वोटिंग, हिंसा और बवाल के बीच 'दीदी' या 'दा... Unnao Road Accident: उन्नाव में भीषण सड़क हादसा, मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो और डंपर की टक्कर मे...

SBI में ‘बड़ी सेंध’! फरीदाबाद में बैंक मैनेजर ने ही साथियों के साथ मिलकर तोड़े ग्राहकों के लॉकर; 8 महीने बाद ऐसे खुला ‘महा-घोटाला’

फरीदाबाद: फरीदाबाद में SBI की सेक्टर-15 स्थित शाखा में लाकर तोड़ने के मामले में पुलिस ने बैंक मैनेजर सहित 4 को हिरासत में लेकर काफी देर तक पूछताछ की। इसके बाद चारों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। इनमें तत्कालीन बैंक मैनेजर प्रीति कटारिया, एके सिंह, भावना नरवाल और वैंडर नीरज शर्मा शामिल है। वैंडर नीरज शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसको कोर्ट ने खारिज कर दिया था।

जानकारी के अनुसार सेक्टर-15ए निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट डीसी गर्ग ने पुलिस को शिकायत देते हुए कहा था कि उनका SBI की सेक्टर-15 ब्रांच में 2014 से लॉकर है। उनका इस बैंक में अकाउंट भी है, जिससे लॉकर की फीस कटती है। उनके पास लाकर की चाबी भी है। उन्होंने लाकर में लगभग एक किलोग्राम सोना और लगभग तीन किलोग्राम चांदी के गहने रखे थे।

उन्होंने आठ महीने पहले ही लाकर आपरेट किया था। उनकी पत्नी नीलम लाकर आपरेट करने गईं, लेकिन बैंक कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि उनका लाकर वहां नहीं है। जब उन्होंने लाकर नंबर बताया, तो उन्होंने कहा कि लाकर किसी और के नाम पर रजिस्टर्ड है। जब डीसी गर्ग ने लाकर के अंदर रखे सामान के बारे में पूछा, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

उन्होंने यह भी पूछा कि जब लाकर तोड़ा गया तो क्या प्रक्रिया अपनाई गई, लेकिन फिर से उन्हें कोई सही जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी क्राइम मुकेश मल्होत्रा ने बताया कि चारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। दस्तावेजी सबूत बैंक अधिकारियों के खिलाफ है।