असम विधानसभा चुनाव में सहयोगियों के तेवर से बीजेपी परेशान!
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नार्थ ईस्ट अब दिल्ली से दूर नहीः उपराष्ट्रपति
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कछार के इलाके से 3.25 के हेराइन की जब्ती
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मणिपुर में पांच लोगों की गिरफ्तारी की गयी
भूपेन गोस्वामी
गुवाहाटी : असम में 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ भाजपा-एनडीए गठबंधन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सीटों का उचित बँटवारा है। सहयोगी दलों की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं के कारण कई निर्वाचन क्षेत्रों में ‘फ्रेंडली फाइट’ (सहयोगी दलों के बीच मुकाबला) की स्थिति बनती दिख रही है। रणनीतिकारों के लिए विकास के एजेंडे के साथ-साथ आंतरिक असंतोष को रोकना एक बड़ी परीक्षा होगी।
मिजोरम विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने युवाओं को संबोधित करते हुए 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर अब भारत के विकास का केंद्र बन चुका है। बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन और पीएम-डिवाइन जैसी योजनाओं ने इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी को सुधारा है। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से केवल नौकरी खोजने के बजाय पर्यटन, जैविक कृषि और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में अवसर पैदा करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने समाज में बढ़ते मादक पदार्थों के खतरे के प्रति युवाओं को आगाह भी किया।
नशीले पदार्थों के खिलाफ असम सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत कछार जिले में एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक खुफिया सूचना के आधार पर सिलचर-कलाइन रोड पर अभियान चलाकर लगभग 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की 538 ग्राम हेरोइन जब्त की और पांच तस्करों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि ‘नशामुक्त असम’ के लक्ष्य तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
दूसरी ओर, मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए विभिन्न प्रतिबंधित संगठनों के चार आतंकवादियों सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार, जिसमें एक एचके -33 राइफल, 9 एमएम पिस्तौल, जिंदा कारतूस और तीन आईईडी शामिल हैं, बरामद किए गए हैं।