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शर्मनाक! टॉयलेट के अंदर कैमरा… बागपत टोल प्लाजा की इस करतूत ने उड़ाए सबके होश, महिलाओं ने किया जमकर विरोध प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मेरठ-बागपत हाईवे स्थित बालैनी टोल प्लाजा एक बेहद संवेदनशील विवाद के घेरे में आ गया है. टोल प्रबंधन पर न केवल नियमों के खिलाफ जाकर अवैध वसूली का आरोप लगा है, बल्कि महिला शौचालय में CCTV कैमरा लगाने की बात सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है. सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने सुरक्षा और निजता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

घटना की शुरुआत बालैनी निवासी विक्रांत त्यागी की शिकायत से हुई. विक्रांत के अनुसार, वह अपनी गाड़ी (DL11CD6691) से खेत से घर लौट रहे थे. बालैनी रोड पर, जो टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर दूर है, टोल कर्मचारियों ने उनकी गाड़ी रोक ली. आरोप है कि कर्मचारियों ने जबरन गाड़ी की फोटो खींची और अवैध रूप से टोल काट लिया.

महिला शौचालय के पास कैमरा?

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दावा किया गया कि टोल प्रशासन ने महिला शौचालय में सीसीटीवी कैमरा लगाया हुआ है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय जैसी जगह में कैमरा लगाना महिलाओं की गरिमा और निजता का सीधा उल्लंघन है.

विक्रांत त्यागी ने अपनी शिकायत में कहा कि कैमरा लगाकर गाड़ियों की फोटो खींचना और फिर मनमाने ढंग से पैसे काटना पूरी तरह अवैध है. यह कैमरा उस रास्ते पर लगाया गया है जहां से गांव के लोग गुजरते हैं.

शिकायतकर्ता ने टोल वसूली की प्रक्रिया पर भी संदेह जताया है. तहरीर के मुताबिक, घटना सुबह करीब 11:30 बजे की है, लेकिन जो रसीद जनरेट हुई है, उस पर समय रात 8:46 बजे का दर्ज है. समय का यह बड़ा अंतर टोल प्रबंधन की कार्यप्रणाली और उनके सॉफ्टवेयर की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है.

पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए बालैनी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है. स्थानीय लोगों और पीड़ित ने प्रशासन से कुछ मांगें की हैं. टोल प्लाजा के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जाए. शौचालय में कैमरा लगाने के पीछे की मंशा की जांच हो. अवैध तरीके से वसूली करने वाले कर्मचारियों और प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.

बालैनी थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो गई है. आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है, और यदि कैमरा लगाने या अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.