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गुणवत्ता के लिए ऑथेंटिसिटी लेबल बनेः नरेंद्र मोदी

दुनिया के टेक दिग्गजों ने भारत में निवेश का एलान किया

  • अडाणी के बाद अंबानी का भी एलान

  • दस लाख करोड़ का निवेश करेंगे

  • टाटा घराना भी इसमें आगे आया

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: देश की राजधानी स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का चौथा दिन ऐतिहासिक घोषणाओं और भविष्य की रूपरेखा के नाम रहा। इस वैश्विक मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित उपयोग का मंत्र दिया, वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत के डिजिटल भविष्य को नई ऊंचाई देने के लिए भारी-भरकम निवेश का एलान किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने डीपफेक और भ्रामक डिजिटल कंटेंट से निपटने के लिए एक व्यावहारिक सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और शुद्धता की पहचान के लिए न्यूट्रिशन लेबल होता है, उसी तरह हर डिजिटल कंटेंट पर ऑथेंटिसिटी लेबल (प्रमाणिकता लेबल) होना अनिवार्य होना चाहिए। इससे आम यूजर असली और एआई-जनित (फैब्रिकेटेड) कंटेंट के बीच अंतर स्पष्ट रूप से समझ सकेगा। प्रधानमंत्री ने एआई को डर के बजाय भाग्य और अवसर के रूप में देखने पर जोर दिया।

उन्होंने मानव (एमएएनए वी) नाम से एक नया वैश्विक ढांचा प्रस्तावित किया, जिसके पांच स्तंभ हैं। एम से मोरल यानी नैतिकता, ए से एकाउंटेबल यानी जवाबदेह, एन से नेशनल सॉपरेनिटी यानी संप्रभुता, एक्सेसेबल यानी सुलभ और वैलिड यानी वैध। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत एआई को ओपन सोर्स रखने का पक्षधर है ताकि दुनिया भर के युवा नवाचार कर सकें। उन्होंने रोजगार संबंधी चिंताओं को खारिज करते हुए कहा कि यह तकनीक नौकरियां खत्म नहीं करेगी, बल्कि इंसान और मशीन के सह-अस्तित्व से नए अवसर पैदा करेगी।

रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने भारत को इंटेलिजेंस युग का नेतृत्वकर्ता बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने घोषणा की कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और जियो अगले सात वर्षों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। अंबानी ने कहा, जैसे हमने डेटा को दुनिया में सबसे सस्ता बनाया, वैसे ही हम एआई को भी हर भारतीय के लिए किफायती बनाएंगे।

उन्होंने एआई की तुलना अक्षय पात्र से की, जो विकास के असीमित अवसर प्रदान करेगा। दूसरी ओर, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने देश के पहले बड़े स्तर के ए आई ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर की घोषणा की। इसके लिए टाटा ग्रुप ने ओपन एआई के साथ साझेदारी की है। शुरुआत 100 मेगावाट क्षमता से होगी, जिसे भविष्य में 1 गीगावाट तक विस्तारित किया जाएगा।

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत में 15 बिलियन डॉलर के निवेश के तहत एक फुल स्टैक एआई हब और इंटरनेशनल सब-सी केबल गेटवे स्थापित करने की योजना साझा की। इस पांच दिवसीय समिट (16-20 फरवरी) में 110 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 राष्ट्राध्यक्ष और दुनिया के शीर्ष 100 सीईओ शामिल हो रहे हैं। विशेष बात यह रही कि प्रधानमंत्री की नेमप्लेट पर इंडिया के स्थान पर भारत लिखा नजर आया, जो देश की वैश्विक मंचों पर बदलती पहचान को दर्शाता है।