तारीख 15 फरवरी… बिहार का कटिहार जिला… रविवार की शाम कुरसेला के लोग अपने घरों में चैन की सांस लेने की तैयारी कर रहे थे. तभी शहीद चौक स्थित स्टेट हाट में उठी एक चिंगारी ने सैकड़ों परिवारों का भविष्य अंधेरे में धकेल दिया. यह सिर्फ आग नहीं थी, यह उन 500 दुकानदारों के सपनों का श्मशान था, जिन्होंने तिल-तिल जोड़कर अपनी रोजी-रोटी खड़ी की थी. अपनी आंखों के सामने अपनी दुकान को राख होते देख फुटपाथ पर बैठा दुकानदार हो या बड़ा व्यापारी, हर किसी की आंखों से सिर्फ आंसू बह रहे थे.
रविवार शाम करीब 7:30 बजे, जब बाजार अपनी सामान्य लय में था, तभी कपड़ा पट्टी की एक दुकान से आग भड़की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला. देखते ही देखते 500 से अधिक टीन और फूस की दुकानें धू-धू कर जलने लगीं. कपड़े, सिगार, इलेक्ट्रॉनिक्स, सब्जी और मोबाइल की दुकानें चंद मिनटों में मलबे के ढेर में तब्दील हो गईं.
5 किलोमीटर दूर तक दिखा आग का तांडव
आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि 5 किलोमीटर दूर से ही आसमान लाल दिखाई दे रहा था. एनएच-31 और स्टेट हाईवे-77 पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते प्रशासन को यातायात रोकना पड़ा. डरे-सहमे लोग अपने पक्के मकानों से सामान बाहर निकालने लगे. पूरे कुरसेला परिक्षेत्र में दहशत फैल गई.
फायर ब्रिगेड और संसाधन की कमी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआत में छोटी फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची, जिसका पानी जल्द खत्म हो गया. जब तक कटिहार से बड़ी गाड़ियां और अतिरिक्त टीमें पहुंचीं, तब तक नुकसान अपनी चरम सीमा पार कर चुका था. घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक पीछे बचा था तो सिर्फ धुआं और बर्बाद व्यापारियों की चीखें.
7 करोड़ की संपत्ति स्वाहा, रोजी-रोटी का संकट
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, इस अग्निकांड में 7 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जलकर खाक हो गई है. सबसे अधिक नुकसान कपड़ा और कॉस्मेटिक की दुकानों को हुआ है. 500 परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि कल सुबह उनके घर का चूल्हा कैसे जलेगा? कोई बेटी की शादी के लिए पैसे जोड़ रहा था, तो कोई कर्ज लेकर दुकान चला रहा था.
प्रशासनिक मुस्तैदी और मदद का भरोसा
सूचना मिलते ही घटनास्थल पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), डीएसपी रंजन कुमार सिंह, बीडीओ कुमारी प्रियंवदा और अंचल पदाधिकारी सुश्री अनुपम समेत थाना अध्यक्ष राकेश कुमार मौजूद रहे. अनुमंडल पदाधिकारी ने आश्वासन दिया है कि नुकसान का समुचित आकलन कर सरकार द्वारा निर्धारित सहायता राशि जल्द से जल्द पीड़ितों को प्रदान की जाएगी.