Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Ludhiana Land Fraud: जमीन बेचने के नाम पर 40 लाख की धोखाधड़ी; दो आरोपियों पर मामला दर्ज Ludhiana Crime News: नशा तस्करी पर पुलिस का प्रहार; 250 ग्राम गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार Kharar Murder Case: गांव बडाली में प्रवासी युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या; इलाके में फैली सनसनी Gurdaspur News: कनाडा से लौटा युवक करंट की चपेट में आया; ट्रांसफार्मर से चिपकने से हुई दर्दनाक मौत Ludhiana Road Accident: वैष्णे देवी से लौट रहे श्रद्धालुओं के ई-रिक्शा को कार ने मारी टक्कर; एक की म... Jalandhar Double Murder Case: सोशल मीडिया वीडियो बना मौत का कारण; दो युवकों की हत्या के पीछे का चौंक... Rohtak News: चप्पल निकालने के चक्कर में नहर में डूबा 16 वर्षीय किशोर; जवाहर लाल नेहरू नहर में तलाश ज... Haryana Power Supply Update: आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त हुए 13,000 से ज्यादा खंभे; अनिल विज ने दिए बि... Kurukshetra Firing News: धर्मनगरी में दिनदहाड़े खूनी खेल; स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने बरसाईं डेढ़ दर्जन... Haryana Election Update: मतदाता सूची पुनरीक्षण में पारदर्शिता के लिए BLA-2 की नियुक्ति; भाजपा-कांग्र...

सोने-चांदी की कीमतों में फिर आई जान: रिकवरी शुरू, क्या निवेश करने का यही है सबसे सही मौका?

पिछले दो दिनों में एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सोमवार को सोना ₹1,47,878 पर था, जो आज (बुधवार, 4 फरवरी 2026) बढ़कर ₹1,57,620 हो गया. यानी करीब 6.59% की तेजी. यह उछाल 29 जनवरी को बने ₹1,75,231 के ऊपरी स्तर से 15.61% की बड़ी गिरावट के बाद आया। ऐसे में सवाल उठता है कि लंबी अवधि के निवेशकों को सोने में निवेश को लेकर क्या करना चाहिए?

गिरावट के बाद सोने में तेजी क्यों आई?

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के मुताबिक, डॉलर कमजोर होने से हाल के सत्रों में सोने ने जोरदार वापसी की. उन्होंने कहा कि घरेलू बाजार में डॉलर/रुपया नरम रहने से तेजी कुछ हद तक सीमित रही, लेकिन तीन ट्रेडिंग सेशंस में करीब 15% की गिरावट के बाद निवेशकों ने वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग शुरू की, जिससे कीमतें संभलीं.

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के अमर राणु का कहना है कि सुरक्षित निवेश (सेफ-हेवन) की मांग दोबारा बढ़ने, सस्ते भाव पर खरीदारी और भू-राजनीतिक तनाव के साथ आगे चलकर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से सोने में उछाल आया.

क्या आने वाले दिनों में तेजी जारी रहेगी?

मानव मोदी के मुताबिक, यह तेजी टिकेगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि हाल की गिरावट में ज्यादा लीवरेज और सट्टेबाजी वाले सौदे पूरी तरह निकल चुके हैं या नहीं, और एशिया से आगे की मांग कैसी रहती है. रिद्धिसिद्धि बुलियंस के एमडी और आईबीजेए के अध्यक्ष पृथ्वीराज कोठारी का मानना है कि अमेरिका-भारत ट्रेड डील से निकट भविष्य की अनिश्चितता कुछ कम हो सकती है, जिससे सोने की सेफ-हेवन मांग पर दबाव आ सकता है और कीमतें कुछ समय के लिए एक दायरे में रह सकती हैं. हालांकि, मजबूत रुपया आयात लागत घटाकर घरेलू सोने की कीमतों को नरम कर सकता है.

चीन फैक्टर भी अहम

मोदी के अनुसार, चीन के शेनझेन में फिजिकल गोल्ड की खरीद मजबूत है, क्योंकि निवेशक लूनर न्यू ईयर से पहले खरीदारी कर रहे हैं. हालांकि, चीन में सरकारी बैंकों ने ज्यादा उतार-चढ़ाव रोकने के लिए गोल्ड निवेश उत्पादों पर नियंत्रण सख्त किया है.

सोने के लिए बाजार संकेत क्या कहते हैं?

कोठारी का कहना है कि सोने का लंबी अवधि का नजरिया अब भी सकारात्मक है. अमेरिकी फेड का नरम रुख, वैश्विक तनाव, बड़ी अर्थव्यवस्थाओं पर वित्तीय दबाव और सेंट्रल बैंकों व ईटीएफ की लगातार खरीद. ये सभी सोने को सहारा दे रहे हैं.

लंबी अवधि के निवेशक क्या करें?

राणु के मुताबिक, भले ही short term में उतार-चढ़ाव रहे, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि में सोने का आउटलुक मजबूत बना हुआ है. कोठारी भी मानते हैं कि सोना फिलहाल एक दायरे में रहेगा, लेकिन रुझान सकारात्मक रहेगा.