Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Lok Sabha Update: भारी हंगामे के कारण पीएम मोदी का संबोधन रद्द, 8 सांसदों के निलंबन और नरवणे की किता... Kishtwar Encounter: किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर; ऑपरेशन अभ... MP Politics: 'ब्राह्मण समाज सबकी आंखों में खटक रहा है...', बीजेपी विधायक गोपाल भार्गव के बयान से मध्... Rajya Sabha Update: लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में टकराव के आसार! PM मोदी के भाषण से पहले कांग्रेस ने... Pune-Mumbai Expressway: पुणे एक्सप्रेस-वे पर 24 घंटे से लगा महाजाम, हजारों गाड़ियां फंसी; सीएम फडणवी... बृहस्पति के बादलों के पीछे छिपा है एक विशाल रहस्य बड़े नेताओं की अग्निपरीक्षा का दौर अब चालू हो गया सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री के तौर पर ममता बनर्जी का नया रिकार्ड जनरल नरवणे की चर्चा कर राहुल ने फिर घेरा भारत और अमेरिका व्यापार समझौते पर जानकारी पर बवाल

डीएसपी को डिमोट कर इंस्पेक्टर बनाया गया

तेलंगाना के बहुचर्चित फोन टैपिंग केस में सरकार गंभीर

  • स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में कार्यरत थे

  • त्वरित पदोन्नति से डीएसपी बने थे

  • कार्यालय से सबूत नष्ट किये थे उन्होंने

राष्ट्रीय खबर

हैदराबादः तेलंगाना के बहुचर्चित फोन टैपिंग मामले में गिरफ्तार पुलिस अधिकारी डी. प्रणीत राव पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। अनियमितताओं और कदाचार के गंभीर आरोपों के चलते उन्हें पुलिस उपाधीक्षक के पद से पदावनत कर इंस्पेक्टर रैंक पर भेज दिया गया है। यह निर्णय उनकी प्रोबेशन अवधि को सफलतापूर्वक पूरा न कर पाने और सेवा नियमों के उल्लंघन के आधार पर लिया गया है।

प्रणीत राव अक्टूबर 2016 से दिसंबर 2023 तक स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच में कार्यरत थे। उन्हें त्वरित पदोन्नति के माध्यम से डीएसपी बनाया गया था। हालांकि, उन पर अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने और आधिकारिक डेटा के साथ छेड़छाड़ करने के संगीन आरोप लगे हैं।

आरोप है कि उन्होंने एसआईबी के लॉगर रूम में रखे डेस्कटॉप और लैपटॉप से 42 हार्ड डिस्क हटाकर नई डिस्क लगा दीं। इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण कॉल डिटेल रिकॉर्ड  औऱ फोन से संबंधित दूसरे साक्ष्यों को पूरी तरह मिटा दिया गया।

प्रणीत राव ने कथित तौर पर एसआईबी भवन के सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया और एक इलेक्ट्रीशियन की मदद से हार्ड डिस्क को नष्ट करवाया, ताकि उनके द्वारा की गई अवैध गतिविधियों का कोई सबूत न रहे। उन पर आधिकारिक गोपनीय डेटा को अपने व्यक्तिगत उपकरणों में सहेजने का भी आरोप है, जो अनुशासित बल के नियमों के विरुद्ध है।

इंटेलिजेंस विंग की रिपोर्ट के बाद, प्रणीत राव को मार्च 2024 में निलंबित कर दिया गया था। इसके साथ ही, पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की शिकायत पर दर्ज इस मामले में डेटा चोरी, रिकॉर्ड गायब करने और आपराधिक साजिश की धाराएं शामिल हैं।

सरकार का यह कदम स्पष्ट करता है कि सुरक्षा एजेंसियों में किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता और अवैध जासूसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल प्रणीत राव न्यायिक हिरासत में हैं और मामले की जांच जारी है।