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डोडा हादसे में शहीद हुए भोजपुर के लाल हरेराम कुंवर पंचतत्व में विलीन, तिरंगे में लिपटकर घर पहुंचा पार्थिव शरीर

जम्मू-कश्मीर के डोडा में गुरुवार दोपहर एक ऑपरेशन के लिए जाते समय जवानों की बुलेटप्रूफ कैस्पर गाड़ी करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई थी. इस हादसे में भोजपुर के हरेराम कुंवर समेत 10 जवान शहीद हो गए. जम्मू-कश्मीर के डोडा में शहीद हुए जवान हरेराम कुंवर का भोजपुर जिले के महुली घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

जवान हरराम कुंवर भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड अंतर्गत नथमलपुर गांव के रहने थे. शनिवार की सुबह तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा. जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और माहौल गमगीन हो गया. पार्थिव शरीर के पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया. शहीद की पत्नी खुशबू अपने पति के पार्थिव शरीर से लिपटकर फूट-फूट कर रो पड़ीं.

राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

शहीद जवान का अंतिम संस्कार भोजपुर के महुली घाट पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया. उनके 11 साल के बड़े बेटे प्रियांशु ने अपने पिता को मुखाग्नि दी. इससे पहले प्रियांशु ने अपने पिता के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी, जबकि छोटे बेटे आदर्श ने अपने पिता को सैल्यूट कर अंतिम विदाई दी. घाट पर सेना के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी.

शहीद जवान के बेटे ने क्या कहा?

गांव से लेकर श्मशान घाट तक भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से माहौल गूंजता रहा. हजारों ग्रामीणों, युवाओं और बुजुर्गों ने सड़कों पर खड़े होकर शहीद को अंतिम प्रणाम किया. हालांकि, शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए जिले के कोई विधायक या मंत्री और नेता नहीं पहुंचे. मुखाग्नि देने के बाद बड़े बेटे प्रियांशु ने कहा,”‘पापा हमेशा कहते थे कि खूब पढ़ो और एक बड़े ऑफिसर बनो. पिछली बार जब वह छुट्टी पर आए थे, तब उनसे आखिरी बार बात हुई थी.”