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मध्यप्रदेश के उज्जैन में सांप्रदायिक हिंसा के बाद पुलिस तैनात

विहिप नेता पर हमले के बाद स्थिति बिगड़ी

राष्ट्रीय खबर

भोपालः मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के तराना कस्बे में विश्व हिंदू परिषद के एक स्थानीय नेता पर हुए हमले ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के गृह जिले में हुई इस घटना ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। गुरुवार रात से शुरू हुआ यह तनाव शुक्रवार को आगजनी और तोड़फोड़ में बदल गया, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

हिंसा की चिंगारी गुरुवार रात तब भड़की जब वीएचपी के गौ सेवा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सोहल ठाकुर बुंदेला का कुछ युवकों से विवाद हो गया। रिपोर्टों के अनुसार, मामूली बात (घूरने और एक जगह खड़े होने) से शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिसमें सोहल ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए।  इस घटना की खबर फैलते ही दोनों समुदायों के लोग सड़कों पर उतर आए। देखते ही देखते तराना युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया।

बस स्टैंड के पास खड़ी कम से कम 13 बसों और 10 कारों को निशाना बनाया गया। उपद्रवियों ने एक बस को आग के हवाले कर दिया और कई दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। तराना के रिहायशी इलाकों में जमकर पत्थरबाजी हुई। स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि हथियारबंद भीड़ ने घरों में घुसने की कोशिश की और तोड़फोड़ की।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भीड़ को पुलिस की मौजूदगी में घरों के ताले तोड़ने और हथियार लहराते देखा गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा ने जिले के 10 से अधिक थानों का बल तराना में झोंक दिया है। इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई है।

पुलिस ने इस मुख्य हमले के 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दंगों और तोड़फोड़ के मामले में 15 से 20 अन्य लोगों को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। दावोस (विश्व आर्थिक मंच) से लौटते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर कड़ा रुख अपनाया है।

उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, स्थानीय कांग्रेस विधायक महेश परमार और शहर काजी सफीउल्लाह ने शांति की अपील करते हुए कहा कि अपराधियों को सजा मिले, लेकिन निर्दोष नागरिक इस हिंसा की चपेट में न आएं। तराना, जिसका सांप्रदायिक सद्भाव का पुराना इतिहास रहा है, फिलहाल पुलिस छावनी में तब्दील है और वहां तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।