Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
AAP Action: आम आदमी पार्टी ने 7 बागी राज्यसभा सांसदों पर लिया बड़ा एक्शन, सदस्यता रद्द करने के लिए स... Rahul Gandhi at Gargi College: 'Gen Z हमारा भविष्य', गार्गी कॉलेज की छात्राओं से और क्या बोले राहुल ... Arvind Kejriwal in Bengal: ममता के समर्थन में उतरे अरविंद केजरीवाल, बंगाल में बोले- यह लोकतंत्र बचान... धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान: नागपुर में बोले- 4 बच्चे पैदा करें हिंदू, एक को बनाएं RSS का स्वयंसे... Thanthania Kalibari: कोलकाता के ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे पीएम मोदी, जानें 300 साल पुराने इस मं... PM Modi in Bengal: बंगाल में ममता बनर्जी पर बरसे पीएम मोदी, कहा- 'मां, माटी और मानुष' के नाम पर हुए ... Viral News: बाहर से किताबें खरीदने पर भड़की प्रिंसिपल, अभिभावक को 10 बार बोला- ‘You Shut Up’, वीडियो... Ganga Expressway Inauguration: 29 अप्रैल को होगा गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन, जानें 594 किमी लंबे प... Gumla News: गुमला में बारात से लौट रही गाड़ी पलटी, भीषण हादसे में 2 लोगों की मौत, शादी की खुशियां मा... Road Accident: बेटी की शादी के बाद लौटते समय दर्दनाक हादसा, मां-बाप और बेटे की मौत से परिवार उजड़ा

ग्रेटर नोएडा: ‘पापा पानी बहुत ठंडा है, बचा लीजिए…’, मौत के आगोश में समाने से पहले इंजीनियर ने फोन पर मांगी थी आखिरी मदद

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हादसे में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत ने हिला कर रख दिया है. खाली पड़े एक गहरे प्लॉट में भरे पानी में इंजीनियर की कार जा गिरी. इस हादसे में इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत हो गई. घरवालों के मुताबिक, देर रात घने कोहरे के बीच सड़क किनारे न तो रिफ्लेक्टर लगे थे और न ही कोई चेतावनी बोर्ड मौजूद था. इस हादसे से प्राथिकरण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है.

जानकारी के मुताबिक, युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे. वह देर रात ऑफिस से अपने घर लौट रहे थे. कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम थी और सड़क किनारे बने नाले या खाली प्लॉट की कोई पहचान नहीं थी. इसी दौरान उनकी कार सड़क से फिसलते हुए नाले की बाउंड्री तोड़कर पानी से भरे गहरे प्लॉट में जा गिरी.

कोई मदद के लिए नहीं आया

ठंडे पानी में फंसे युवराज ने अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर कहा, ‘पापा, मैं पानी में फंसा हूं, बहुत ठंड लग रही है, जल्दी आ जाइए…’ इसके बाद वह लगातार मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन दुर्भाग्यवश कोई समय पर उनकी सहायता के लिए आगे नहीं आया. आसपास मौजूद कुछ राहगीरों ने हादसे की आवाज सुनी, लेकिन हिम्मत न जुटा पाने के कारण केवल फोन करते रहे. जब तक पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक युवराज की मौत हो चुकी थी.

स्थानीय लोगों के अनुसार, घटनास्थल पर लंबे समय से सुरक्षा इंतजामों की कमी थी. सड़क के दोनों ओर न तो रिफ्लेक्टर लगाए गए थे और न ही चेतावनी संकेतक। हादसे की जानकारी मिलते ही सोसायटी में रहने वाले लोग अगले दिन सुबह मौके पर पहुंचे और प्राधिकरण के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. लोगों का कहना है कि इससे पहले भी यहां कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.

70 फीट गहरे खाली प्लॉट को भरवाया गया

प्रदर्शन के बाद प्रशासन और प्राधिकरण हरकत में आया और आनन-फानन में करीब 70 फीट गहरे उस खाली प्लॉट में कई टन मलबा और कूड़ा डालकर भरवाया गया. हालांकि मृतक के पिता राजकुमार मेहता का कहना है कि अब इसका कोई फायदा नहीं, यदि समय रहते प्राधिकरण ने सुरक्षा उपाय किए होते तो उनका बेटा आज जिंदा होता.

पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर 112 पर कॉल की गई थी. मौके पर स्थानीय पुलिस, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम पहुंची और करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया. थाना प्रभारी नॉलेज पार्क सर्वेश कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच के बाद लापरवाही के दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी.