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पुलिस ने ममता की शिकायत पर कार्रवाई शुरू की

पार्टी प्रत्याशियों का विवरण एकत्रित कर फंस गयी ईडी

  • अब अफसरों की पहचान का काम जारी

  • सीआरपीएफ टीम की भी पहचान हो रही

  • सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है जांच टीम

राष्ट्रीय खबर

कोलकाताः पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में प्रवर्तन निदेशालय और राज्य पुलिस के बीच एक नया कानूनी मोर्चा खुल गया है। कोलकाता पुलिस ने चुनावी रणनीतिकार संस्था आई-पैक के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और सॉल्ट लेक स्थित कार्यालय में हुई छापेमारी के दौरान कथित तौर पर दस्तावेज चोरी करने और अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में ईडी के अज्ञात अधिकारियों के विरुद्ध व्यापक जांच शुरू कर दी है। यह पूरी कानूनी प्रक्रिया मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा दर्ज कराई गई औपचारिक शिकायतों और पुलिस द्वारा स्वतः संज्ञान लिए गए मामले के आधार पर आगे बढ़ रही है।

शनिवार की सुबह, शेक्सपियर सारणी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक विशेष दल प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास पर पहुंचा। पुलिस ने वहां से सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि छापेमारी के दौरान हुई गतिविधियों का मिनट-दर-मिनट विश्लेषण किया जा सके।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वहां तैनात घरेलू सहायकों, निजी सुरक्षाकर्मियों और चश्मदीदों के विस्तृत बयान दर्ज किए गए हैं। इस जांच का मुख्य उद्देश्य उन विशिष्ट ईडी अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की पहचान करना है, जिन्होंने छापेमारी का संचालन किया था।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ईडी के अधिकारियों ने जानबूझकर स्थानीय पुलिस को सूचित किए बिना सुबह लगभग 6:15 बजे छापेमारी शुरू की। शिकायत में कहा गया है कि केंद्रीय एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस के आगामी चुनावों से संबंधित अत्यंत संवेदनशील रणनीतिक दस्तावेज और महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक डेटा अवैध रूप से जब्त कर लिए या उन्हें वहां से हटा दिया। ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करार देते हुए शेक्सपियर सारणी और बिधाननगर के इलेक्ट्रॉनिक कॉम्प्लेक्स पुलिस स्टेशन में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज करवाई हैं।

पुलिस की शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि जब कोलकाता पुलिस के आला अधिकारी, जिनमें पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) भी शामिल थे, छापेमारी की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे, तो उन्हें कथित तौर पर केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा अंदर जाने से रोका गया। आरोप है कि सीआरपीएफ के जवानों ने राज्य पुलिस अधिकारियों की ओर लाठियां भी तानीं और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक धमकी, चोरी और बिना अनुमति प्रवेश के मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, डेटा के साथ छेड़छाड़ और अनधिकृत पहुंच के आरोपों को देखते हुए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 को भी जोड़ा गया है।

कोलकाता पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए एक बार अधिकारियों की पहचान सुनिश्चित हो जाने के बाद, संबंधित ईडी अधिकारियों को पूछताछ के लिए औपचारिक नोटिस जारी किए जाएंगे। यह घटनाक्रम न केवल कानूनी पेचीदगियों को बढ़ा रहा है, बल्कि केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों के बीच बढ़ते अविश्वास को भी स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है।