आईइडी फटने से आठ नमाजियों की मौत
होम्सः सीरिया का होम्स शहर एक बार फिर रक्तपात और चीख-पुकार से दहल उठा है। शुक्रवार की दोपहर, जब सैकड़ों श्रद्धालु इमाम अली इब्न अबी तालिब मस्जिद में जुमे की नमाज के लिए एकत्र हुए थे, तभी एक भीषण विस्फोट ने पूरी इबादतगाह को खंडहर में तब्दील कर दिया। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस कायराना हमले में कम से कम आठ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 18 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका उस वक्त हुआ जब नमाजी पहली रकात के लिए सजदे में झुके थे। जीवित बचे एक नागरिक, बशर अल-इसा ने बताया कि अचानक हुए जोरदार विस्फोट से मस्जिद की छत का एक हिस्सा गिर गया और चारों ओर धुआं और मलबा फैल गया। सीरियाई समाचार एजेंसी साना द्वारा जारी वीडियो फुटेज में मस्जिद के आंतरिक हिस्से में भारी तबाही देखी जा सकती है; फर्श पर बिखरे खून के धब्बे और फटे हुए कालीन इस त्रासदी की भयावहता बयां कर रहे हैं। जांच अधिकारियों का कहना है कि मस्जिद के भीतर रणनीतिक रूप से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस लगाए गए थे ताकि अधिकतम हताहत सुनिश्चित किए जा सकें।
कट्टरपंथी समूह अंसार अल-सुन्ना ने टेलीग्राम के माध्यम से इस हमले की जिम्मेदारी ली है। सीरिया के सूचना मंत्री हमजा अल-मुस्तफा ने इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे नए सीरिया को अस्थिर करने की एक गहरी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि असद शासन के अवशेष और आईएसआईएस जैसे तत्व मिलकर नागरिक शांति को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। इस हमले की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी, जहाँ जॉर्डन, लेबनान, सऊदी अरब और फ्रांस ने इस हिंसा को शांति प्रयासों में बाधा बताया।
दिसंबर 2024 में बशर अल-असद के तानाशाह शासन के अंत के बाद, नए राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने एक समावेशी और सुरक्षित सीरिया का वादा किया था। हालांकि, होम्स में हुआ यह हमला दर्शाता है कि एक दशक से अधिक चले गृहयुद्ध के जख्म और सांप्रदायिक विद्वेष अभी भी भरे नहीं हैं। सीरिया वर्तमान में एक तरफ नई लोकतांत्रिक संस्थाओं को खड़ा करने की कोशिश कर रहा है, तो दूसरी तरफ उसे आंतरिक विद्रोहियों और कट्टरपंथी गुटों से निपटना पड़ रहा है। होम्स की यह घटना अहमद अल-शरा की सरकार के लिए एक अग्निपरीक्षा की तरह है, जिसे अब अपनी रक्षा नीति और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करना होगा।