Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेलीफिश बुढ़ापे के बाद बच्चा कैसे बन जाती है मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ...

“लोकतंत्र है या तानाशाही?”: राहुल गांधी ने घेरा— “कैबिनेट को अंधेरे में रखकर बदले जा रहे नाम, केंद्र में सिर्फ एक शख्स का राज

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में शनिवार को कांग्रेस नेताओं ने एकमत होकर महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट, 2005 (MGNREGA) के नाम को बदलने के केंद्र सरकार के कदम की निंदा की. कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कैबिनेट से पूछे बिना मनरेगा का नाम बदला गया. केंद्र में वन मैन शो चल रहा है. मनरेगा का नाम बदले जाने के खिलाफ कांग्रेस ने कांग्रेस 5 जनवरी से पूरे देश में ‘MGNREGA बचाओ अभियान’ शुरू करने का ऐलान किया है.

हाल ही में संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान, केंद्र ने MGNREGA 2005 को बदलकर भारत की रूरल एम्प्लॉयमेंट स्कीम में बड़े बदलाव करते हुए, विकसित भारत—रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB—G RAM G) बिल, 2025 पास किया. विपक्ष ने बिल का जोरदार विरोध किया, VB-G RAM G बिल की कॉपियां फाड़ीं और हाउस के वेल में घुस गए.

बैठक के बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं थी. मनरेगा राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट है. मनरेगा से देश में करोड़ों लोगों को न्यूनतम वेतन मिलती थी. मनरेगा चालू होता था तो न्यूनतम वेतन मिलता था. उसमें प्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक भागीदारी, वित्तीय सपोर्ट का साधन था.

मनरेगा का नाम बदले जाने पर राहुल गांधी का हमला

उन्होंने कहा कि यह डॉयरेक्ट राइट बेस्ड्स के कॉन्सेप्ट पर हमला है. फेडरल स्ट्रक्चर और राज्य पर भी हमला है. यह स्कीम अधिकार राज्य से लेकर केंद्र को देता है. इससे देश को नुकसान होगा. गरीब जनता को नुकसान होगा. उनको दर्द पहुंचेगा और उनको कष्ट होगा. यह निर्णय सीधे पीएम ऑफिस से लिया गया है. बिना मंत्री और कैबिनेट से पूछे लिया गया है.

उन्होंने कहा कि आज की हालत क्या है. वन मैन शो चल रहा है. जो भी नरेंद्र मोदी करना चाहते हैं. वही हो रहा है. पूरा फायदा वही- तीन अरबपतियों के लिए है. यह प्रोग्राम ध्वस्त हो जाएगा. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा.

मनरेगा के खिलाफ CWC में निंदा प्रस्ताव पारित

खरगे ने कहा, “आज नई दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मीटिंग में, हमने एकमत से केंद्र सरकार के उस कदम की निंदा की, जिसमें MGNREGA का नाम और स्ट्रक्चर बदलकर एम्प्लॉयमेंट गारंटी प्रोग्राम की मूल भावना को कमजोर करने की कोशिश की गई है.”

शनिवार को, कांग्रेस प्रेसिडेंट मल्लिकार्जुन खरगे ने नई दिल्ली के इंदिरा भवन में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) हेडक्वार्टर में CWC मीटिंग की अध्यक्षता की. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और पार्टी के दूसरे सीनियर नेता इस मीटिंग में मौजूद थे.