ग्वालियर: राजमाता विजया राजे सिंधिया विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए गुरुवार का दिन विशेष रहा क्योंकि इस दिन विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों को विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में उपाधियों से नवाज़ा गया. इस मौके पर सिंधिया राजघराने के मुख्य और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए.
कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ 11वाँ दीक्षांत समरोह
केंद्रीय मंत्री ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्व विद्यालय में आयोजित 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने के साथ ही छात्रों के कृषि तकनीकों के मॉडल्स का अवलोकन किया. इसके बाद मुख्य समारोह में शिरकत की. जहां विश्व विद्यालय के अन्तर्गत शोध कार्य करने वाले और अलग अलग कोर्सेस में डिग्रियां करने वाले छात्रों को उनके भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए संबोधित किया. साथ ही उन्हें उनकी डिग्रियां और मेडल्स भी दिए.
सिंधिया ने बताया दीक्षांत समारोह का मतलब
अपने संबोधन के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा, मेरे सामने आज ग्वालियर, मध्य प्रदेश या भारत ही नहीं बल्कि, विश्व का भविष्य बैठा है. सभी आज दीक्षांत समारोह में शामिल हुए हैं, लेकिन दीक्षांत समारोह का मतलब क्या है? मैंने ख़ुद पहले ग्रेजुएशन का और फिर एमबीए के दीक्षांत समारोह में शामिल हुआ हूं.एक तरफ़ जहां यहां बैठे सभी नौजवानों और गुरुओं के लिए एक ऐतिहासिक पल है, वहीं दूसरी तरफ़ एक भावनात्मक समय भी है. आप एक दरवाज़े से निकल रहे हैं तो दूसरी ओर ज़िन्दगी के दूसरे द्वार में प्रवेश कर रहे हैं.
4 बेटियों ने पाया गोल्ड मेडल, समारोह में 543 छात्रों को मिली डिग्री
वही पीएचडी, मास्टर्स और बैचलर्स डिग्रियों का भी केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को वितरण किया. इस कन्वोकेशन में चार छात्रों ने अपने कोर्स में टॉप कर गोल्ड मेडल पाया और खास बात यह रही कि यूनिवर्सिटी टॉप कर गोल्ड मेडल हासिल करने वाली चारों छात्राएं हैं. इस दीक्षांत समारोह में 543 लोगों को डिग्री प्रदान की गई है. जिनमें 254 स्नातकोत्तर, 246 स्नातक और 30 विद्या वाचस्पति यानी पीएचडी की डिग्री दी गई है.
विश्विद्यालय के कुलगुरु प्रो अरविंद कुमार शुक्ला ने बताया कि डिग्री पाने वाले लोगों में चार को गोल्ड मेडल मिला है ये सभी नारी शक्ति यानी बेटियों को मिले हैं. यह बड़े ही गौरव की बात है.
‘विश्व में कृषि क्षेत्र में लोहा मनवा रहा भारत’
वहीं मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज राजमाता कृषि विश्वविद्यालय इतनी क्षमता वाली यूनिवर्सिटी बन चुकी है कि आज 543 बच्चों की डिग्रियां दी गई हैं. और ये विश्वास है कि ये बच्चे भारत का झंडा पूरे विश्व में फहरायेंगे. उन्होंने कहा कि कृषि का क्षेत्र भारत के विकास में एक महत्वपूर्ण भाग रखता है. आज हम पूरे विश्व में सबसे बड़े दूध उत्पादक के रूप में निकल चुके हैं. हम विश्व में फल और सब्जी उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं. अन्न के आधार पर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी शक्ति है. जिसका मतलब है कि आज हमारे अन्नदाता भारत देश के 140 करोड़ लोगों का ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का पेट भर रहे हैं.
जैविक और प्राकृतिक खेती में हो AI का उपयोग
सिंधिया ने कहा, आज कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान बहुत महत्वपूर्ण हो चुका है. तकनीक और विज्ञान कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बाकी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हमें प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए करना चाहिए. और इसको बढ़ावा देने में कृषि विश्विद्यालय का बड़ा योगदान है. और इसे और आगे ले जाने के लिए कृषि मंत्री, प्रदेश के मुख्यमंत्री और मैं भी हर तरह से समर्पित हैं. देश में हम कृषि के क्षेत्र में अव्वल हैं और इसे और आगे ले जाना होगा.